# Kavyotsav
भावना - भक्ती -श्रद्धा
कविता - स्वामी समर्था .।।
-अरुण वि.देशपांडे -पुणे .
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धन्य धन्य झालो आम्ही
दर्शनास तुमच्या येता
मन आनंदे दर्शनाने
तुमच्या हो स्वामी समर्था ।।
पायपीट आम्ही करितो
जी असते स्वतः करिता
सार्थक होते इथे येण्याचे
दर्शन घेता स्वामी समर्था ।।
मोह मायाजाल अवघे
गुरफटून गेलो यात पुरते
न आवडावे मनासी आता
दर्शन घेता स्वामी समर्था ।।
मन भरुनी येते भक्तीने
दर्शन घेता स्वामी समर्था.।।
-------------------------------------------------------------------------------------------------कविता - स्वामी समर्था ।।
-अरुण वि.देशपांडे -पुणे .
9850177342
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