#kavyotsav
देश...
जहाँ धूप है जहाँ छाव है
जहाँ भूक से आम आदमी बीमार है
जहाँ पैसे का सब खेल है, जहाँ आम आदमी को मुश्किल खरीदना भेल है....
जहाँ मेहंगाई इतनी है, जहा भूक से ज्यादा ऐश आराम की गर्मी है...
जहाँ बीमारी से लोग बेहाल हौ, जहाँ दुख से बुरा हाल है....
जहाँ दो टुकड़े जमीन पर पूरा परिवार सोता है....
जहाँ अपना घर लेना मुश्किल सा होता है...
जहाँ शिक्षा एक धंदा है, जहाँ हर कोई बस्स अपना अपना करता है...
फिर भी ये देश है... किसी से कम न ज्यादा ऐसा इसका भेष है...
इस देश के लोग भले कैसे भी है, किसी भी हाल मैं है....
हर हाल मैं हर उम्मीद मैं सबके दिल मैं ये बस्ता है...
करो सलाम इस देश को जहाँ सबके दिल में तिरंगा बस्ता है
हर्षद मोलिश्री....