#kavyotsav
थोड़ा दर्द तुम भी जेलो थोड़ा दर्द हम सहलेंगे
दर्द में है छिपी जो खुशी उसका दोनों मजा लेंगे..
मिलेगे इस तरह हम दोनों चल रहा वक्त ठहरेगा
ऐसा तब होगा जब तुम्हारे हाथो में तिरंगा लहरेगा
हमे सिकवा नहीं कोई तुम्हारे उन मजहबों से
मगर मजहब सिखाए जो वो सीखना गवारा है
आपस मैं मिलकर हम अपने आपको जगाएंगे
फिर से एक बार वही ' अटल ' काल बनाएगें
- आहिर दिनेश एस