मुजे न पता.....
मे क्यु हर पल तुजे ही चुनती हु मुजे न पता....
क्यु मुजे तुजे पाने का ज़ुनुन चडता हे मुजे न पता.....
मे क्यु तेरे काबील बनने मे लगी रहती हु मुजे न पता.....
तु नजाने मुजे क्यु आपना सा लगता हे मुजे न पता........
न जाने ये दिल तुजे पाने काम ख्ववाब देखता है मुजे न पता.,...
मे न जाने तेरे ख्यालो मे कहा खो गई हु मुजे न पता....
तुने जीने क हुन्नर दिया तुने मुजे खमोसि से सहने काम सब्र दिया तुने मुजे एसे भटका दिया मे कहा पहुछुगि मुजे न पता...
धीरे धीरे रिस्तो कि कडी जुड रही है कहाँ तक हमारा सफर होगा मुजे न पता......
तेरे पीछे मे दिवानी बन गई हु मुजे ज न पता... और न जाने मु जे कितने पापड मेलने पडेगे मुजे न पता....मुजे खुद से रुबरु कर रहि हे तेरी ए बेबानिया. तु मेरा होसला तुने मुजे जीना शीखा दिया मरना शीखा दिया. पर हमारा साथ कब तक है मुजे न पता....
तुजमे मुजे क्यु अपनापन लगता है मुजे न पता..
तुजे देखके मेरा दील बोलता है की ए सिर्फ़ ओर सिर्फ मेरा है मुजे न पता....
तेरी चाहत मे ए दिल क्या क्या गुफ्त्गु करेगा मुजे न पता
ए जिन्दगी मेरा कबतक लेगी मुजे न पता.....मुजे मेरी तन्हाइ क्या क्या करवाएगी मु जे न पता
पर ए दील तुजे अपना समज बेठा है.... न जाने मुजे लोग क्यु तेरे नाम से चीडाते...है मेरा मे दील तेरे लीए कितनी हद तक पागलपन हे मुजे न पता
मुजे मेरी तन्हाइ किस तरह मारेगी मुजे न पता......
तेरी वफा ओ ने मुजे इस हद तक काबील बनाया कि मे तुजे ही अपना समज हम दोनो काम साथ कबतक हे मुजे न पता......
मेरा दिल कबतक तडपे गा मुजे न पता पर ए दिल को तुजे पानेका भुत जो चडा है........???????
लि: ~Shaimee Prajapati