थैंक यू टीचर
मेरे हर शिक्षक को शत शत नमन कि उन्होंने मुझे इस संसार रूपी बगिया में खिलने के लिए सींचा | एक कुम्भकार की तरह बेशक उन्होंने मुझे थपथपाया लेकिन समय की ठोकरों से बचकर चलना भी सिखाया | राहें तो जिंदगी में बहुत होती हैं लेकिन सही राह कौन सी है ये तो मेरे लिए चुनना कठिन था सही राह दिखाने वाले भी मेरे शिक्षक ही थे | पैदा तो संसार में आदमी होता है लेकिन उसे इंसान बनाने वाला तो एक शिक्षक ही होता है इसलिए मेरे सारे गुरुओं को मेरा सह ह्रदय नमन की उन्होंने मुझे सही रूप में इंसान बनाया |
आलोक फोगाट