दहीहंडी
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गोविंदा आले रे आले
दहीहंडी फोडण्यास आले
धूम धमाल ,मस्ती चाले
गोविंदाचे भान हरपले
गोपाल सारे कान्हाचे
दहीहंडीसाठी जमले
क्रीडा पहाण्यासाठी
बघा गोकुळ सारे आले
चला सामील होऊ या
गोपाल काला खाऊ या
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दहीहंडी -
अरुण वि.देशपांडे -पुणे.
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