इन्सान अपनी दुनिया की बुराईयों में इतना मगन है ,कि वो इस दुनिया की सच्चाई भूल गया, मेरे ईश्वर ने दिया हुआ गीता का सार भूल गया। :जो हुआ अच्छा हुआ जो हो रहा है अच्छा हो रहा है और जो होगा वो भी अच्छा ही होगा: आपके जीवन में बहुत सी बुराइया हो सकती है लेकिन वो आपकी अच्छाइयों से बढ़कर नहीं होती।