बिछड गया है, तो अब उससे गिला भी नही...!!
सच तो ये है, कि वो मेरा था ही नही..
मुझे किसी के बदल जाने का गम नही है,
बस कोई था जिससे ये उम्मीद नही थी..!!
ऐ ज़िँदगी, अब तू ही रुठ जा मुझसे..
ये रुठे हुए लोग, मुझसे मनाए नहीँ जाते…
यूँ तो मेरी बस्ती के लोग भी कम हसीन ना थे बस दिल में शौक था गैरों को अपना बनाने का