मीरा मीना से कहती है----
मीरा :- अरे दीदी अब बस भी करो ना क्यों सता रहे हो तुम मेरे बहू को।
मीना के मुह से बहू सब्द सुनकर वृंदा हैरान हो जाती है वृन्दां मीना की और हैरानी से देखती रहती है। तब मीना कहती है----
मीना :- अरे मेरी बच्ची तू इतना घबरा क्यों रही है। संपूर्णा ने हम सबको बता दिया है के तुम एकांश से
प्यार करती हो।
वृंदा संपूर्णा को देख कर मुस्काने लगती है और सरमाने लगती है। तभी संपूर्णा अपनी दौनो भोहें उपर करके कहती है----
संपूर्णा : - माफ़ करना यार तुझसे बिनापूछे ही मेैं माँ और बड़ी मां को सब बता दिया वो क्या है ना मैं तुझे जल्दी से अपनी भाभी बनाकर घर में लाना चाहती हूँ।
मीना वृंदा से कहती है----
मीना :- बेटा हम लोग कल तुझे देख कर ही पसंद कर लिया था के तू इस घर की बहू बनेगी। अच्छा एक बात बता एकांश ने कुछ कहा तुझसे। ?
वृंदा कुछ कह नहीं पाती बस सरमाने लगती है। मीना वृंदा से पुछती है---
मीना :- बेटा अब सरमाओ मत और बताओ ना एकांश
ने कहा ना के वो भी तुझसे प्यार करता है।
वृंदा सरमाते हुए कहते हैं---
वृदां :- वो...वो...आंटी एकांश ने अभी तक ऐसा कुछ कहा नहीं।
मीना झट से कहती है----
मीना :- तो पुछ ना पगली इतना सोच क्यूं रही हो।
मीना की बात सुनकर संपूर्णा कहती है----
संपूर्णा :- बड़ी माँ कोई हलवा है क्या की पुछा और काम हो गया। आप क्यों इतना टेंशन ले रही हो इन दोनो को अपना काम करने दो ना। जब भैया वृंदा से बोल देंगे ये आके हमें बता देंगी।
मीरा :- पर कब..? दैर करके क्या फ़ायदा।
संपूर्णा :- वाह माँ। आप ऐसे बोल रहे हो जैसे आपने
पापा को एक ही दिन में आई लव यू बोल दिया था। आपको भी समय लगा था ना।
संपूर्णा की बात सुनकर मीरा सरमाने लगती है और कहती है----
मीरा :- हमारे समय में ऐसा कहा होता था। तब पहले
शादी होती थी फिर एक दुसरे को जानने में दौ चार माहिना ऐसे ही ही बीत जाते थे। तब जाके आई लव यू बोलते थे और अभी का लड़का लड़की मिला नही के देखते ही आई लव यू बोल देता है फिर मिलना जुलना सुरु होता है और पता नहीं क्या क्या होता है और उसके बाद शादी होती है। फिर शादी के 5 माहिना बाद ही बच्चा हो जाता है इतना फास्ट है आज का जनरेशन । और तू संपूर्णा ! हमारे शादी के 3 साल बाद हुई थी। ये अंतर है आजके और तबके जमाने में।
संपूर्णा :- तब तो बहुत अच्छी बात है ना माँ। भाई और वृंदा के शादी के 5 महिना बाद ही आप लोग दादी बन जाएगी। आपको 3 साल इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
संपूर्णा की बात सुनकर वृंदा सरमा के वहां से भाग जाती है और सभी एक दुसरे को देखकर हंसने लगतें हैं।
उधर एकांश य़और वर्षाली एक दुसरे के आंखों में खोया था। तबी वर्शाली एकांश से धीरे से कहती है----
वर्शाली: - ऐसे क्या देख रहो एकांश जी। ऐसे मत देखा करो। अन्यथा आपको भी मेरे से प्रेम हो जाएगा।
एकांश वर्षली से अपनी नजर हटा लेता है और वर्शाली से पुछता है----
एकांश: - अच्छा वर्षाली अगर कोई जन्माष्टमी को छोड़कर बाकी दिनो मे इस झरने पर नहाया तो क्या होगा।?
वर्शाली: - इस झरने का जल बाकी दिनों में सिर्फ जल है और जन्माष्टमी को अमृत का प्रकाश आने से ये जल जीवन दायी बन जाता है।
एकांश :- वर्षाली और क्या रहस्य छिपा है यहां..? मुझे इतना तो पता चल गया के ये पानी जितना वरदान दायी है उतना ही कष्टदायी और श्रापित भी है।
वर्शाली: - हां एकांश जी। यहां कभी भूल कर भी किसी ऐसी स्त्री और पुरुष के साथ नहीं स्नान करना
चाहिए जो एक दसरे से प्रेम नहीं करता क्योंकि उसका परिणाम बहुत ही भयानक और कष्टदायी है। क्यूं एकांश जी आप इतना क्यों जानना चाहते हो इस जल के बारे मे , आपको यहाँ किसीके के साथ स्नान करना है क्या ? क्या आप भी किसी से प्रेम करते हो?
एकांश चुप रहता है।
वर्षाली फिर एकांश पर दबाव बनाते हुए पुछती है---
वर्शाली :- बताइये ना एकांश जी। क्या आपकी कोई प्रेमिका है। ? अगर है तो आप मुझे बता सकते हो।
एकांश सौच में पड़ जाता है। एकांश वृंदा और वर्शाली के बारे में सोच रहा था। उसे समझ में नहीं आ रहा था के वो किससे प्यार करता है । एकांश वृंदा और वर्शाली दोनो के बिच भ्रमित था। एक तरफ वर्शाली जैसी सुंदर परी जिसके समान इस संसार में कोई दुसरी नहीं और दिल की भी बहुत अच्छी थी तो दुसरी तरफ वृंदा जैसी नटखट बिंदास लड़की जो एकांश के लिए कुछ भी कर सकती है ।
एकांश इन दौनो के बारे में सौच रहा था। वर्शाली एकांश से पुछती है---
वर्शाली :- क्या हुआ एकांश जी। कहीं आप दौ लड़कियों के बिच फंस तो नहीं गए हैं ना..?
वर्शाली की बात सुनकर एकांश हड़बड़ा जाता है और सोचने लगता है के कहीं वर्शाली को मन की बात तो पता नहीं चल जाता है। एकांश हकलाते हुए जवाब देता है---
एकांश :- अरे न. नन ... नहीं वर्षाली ऐसी कोई बात नहीं है। मेरा कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है । जब होगी तब तुम्हें बता दूंगा ।
वर्शाली गर्लफ्रेंड का मतलब नही जानती थी , इसिलिए वर्शाली एकांश से हैरानी से पूछती है ---
वर्शाली :- ये गर्ल फ्रेंड क्या वस्तु है एकांश जी ?
एकांश अपने माथे पर हाथ रखकर कहता है---
एकांश :- गर्ल मतलब लड़की और फ्रेंड मतलब दोस्त। गर्ल फ्रेंड का मतलब हुआ लड़की दोस्त। मतलब प्रेमिका।
वर्शाली पुछती है----
वर्शाली :- दोस्त या प्रेमिका एकांश जी।
एकांश कहता है---
एकांश :- एक लड़का और एक लड़की प्रेमी और प्रेमिका होती है समझी ।
वर्शाली झट से कहती है-----
वर्शाली :- तब मैं आपकी कौन हू एकांश जी ? मैं भी आपकी गर्लफ्रेंड ही हूँ ना ?
इस सवाल का एकांश के पास कोई जवाब नहीं था इसिलिए एकांश चुप चाप अपने जग पर खड़ा रहता है। तब वर्शाली एकांश के पास आ कर कहती है---
वर्शाली: - क्या मैं आपकी प्रेमिका हूं एकांश जी।
एकांश वर्षाली के सवाल से हड़बड़ा जाता है और हकलाते हुए कहता है-----
एकांश :- वो.. वर्शाली वो...मैं ।
वर्शाली कहती है----
वर्शाली: - अरे एकांश जी आप तो बहुत सीघ्र ही घबरा जाते हो। मेैं बस आपसे युहीं कह रही थी जो आपने कहा उसका सवाल किया।
एकांश :- तुमने ऐसा सवाल किया जिसका मेरे पास कोई जवाब नहीं था।
एकांश की बात सुनकर वर्षाली मुस्कुराने लगती है। एकांश वर्षाली से पुछता है---
एकांश :- क्या एक परी और एक मनुष्य में प्यार हो सकता है वर्षाली ?
वर्षाली :- हो सकता है पर ये बहुत ही मुश्किल है क्योंकि परी लोक का नियम ये आदेश नहीं देता है।
वर्शाली की बात सुनकर एकांश मायुस हो जाता है। जिसे वर्षाली समझ जाती है के एकांश को उसकी बात का बुरा लगा है। तब एकांश उदास मन से अपने हाथ की घड़ी को देखता है जिसमे शाम के 5 बज रहे हैं। घड़ी देख कर एकांश वर्शाली से कहता है-----
एकांश :- वर्षाली ये समय कैसे बित गया पता ही नहीं चला। देखो ना ऐसा लग रहा है जैसे हम अभी यहां पर आए थे और कब शाम हो गई पता ही नहीं चला। ये जगह ही ऐसी है के यहां से जाने का मन नहीं करता।
तब वर्शाली कहती है---
वर्शाली: - तो आपको जाने कौन बोल रहा है एकांश
जी। आपको यहां रहने के लिए किसीने रोका है क्या।
एकांश :- नहीं वर्शाली मेैं यहां नहीं रुक सकता क्योंकि मेरे घरवाले को पता नहीं है अगर मैं घर नहीं पँहूचा तो सब परेसान हो जाएंगे।। वरवा मुझे भी यहाँ से जाने का मन नहीं कर रहा है।
वर्शाली :- ये भी आपका ही महल है एकांश जी।
एकांश हैरानी से कहता है----
एकांश :- मेरा महल..?
Note :- aap sabhi ko meri or se happy new year. Bhagwaan apko or apke parivaar ko khus or swasth rakhe , Meri ek or kahani is app par hai jiska naam hai तेरे मेरे दरमियान ।
Radheshyam pathak ji or Upendra paswan ji bahot - bahot dhanyavaad karta hu jo aap meri har episode par aap apne comment or review dete ho .
To be continue....392