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मुसाफिर
अश्विन यह सुनकर दोबारा रोनित के पास वहीं स्टूल पर बैठ गया और उसकी बात बड़ी ध्यान से सुनने के मूड़ में बोला, “ठीक है, बताओ?” रोनित ने भी उसके चेहरे की तरफ देखा और गंभीरता से बोला,
“मैं नहीं जानता की सम्राट कहाँ है और अब कैसा दिखता है!! मैं पिछले एक साल से उससे नहीं मिला, कुछ दिन पहले मैं एक होटल में डिनर करने गया था, वहाँ से निकलने के बाद, जब मैं अपनी गाड़ी में बैठा तो मेरी सीट पर एक पेपर रखा था जिस पर लिखा था, 15 तारीख को वह रात नौ बजे नये दिल्ली से एक ट्रैन में जा रहा है । “अब वो कहाँ जा रहा है? क्यों जा रहा है? किसी को कुछ नहीं पता।“ अश्विन ने अब अपना एक हाथ उसके कंधे पर रखा और कहा, “तुझे लगता है, मैं तेरी इस आधी -अधूरी इन्फॉर्मेशन को डाइजेस्ट कर लूंगा।“ “सम्राट को अच्छे से पता है कि पुलिस उसके पीछे है, वह मुझे क्या कभी किसी को पूरी तरह कुछ नहीं बताएगा।“ आश्विन ने अब रोनित पर एक टेढ़ी नज़र डाली और रूम से बाहर निकल गया।
अगली सुबह वह अनुज से पहले ही पुलिस स्टेशन पहुँच चुका था। जब अनुज ने उसके उजड़े बालों को देखा तो वह बोल पड़ा, “क्या हुआ, रात को सोया नहीं था?” “नहीं यार!!” अब उसने रोनित से हुई बातचीत बताई तो वह उसे लेकर बोर्ड रूम में आ गया, जहाँ यश पहले से ही प्रोजेक्टर के पास खड़ा है। “तू मुझे यहाँ क्यों लेकर आया है, “ यह बोलते हुए वह एक चेयर पर बैठ गया और उसके साथ अनुज भी बैठ गया। तेरे सवाल का ज़वाब देने के लिए ही तुझे यहाँ लाया हूँ। अब यश ने प्रोजेक्टर ऑन करते ही बोलना शुरू किया,
“सर 15 दिसम्बर को रात नौ बजे एक ही ट्रैन है जो प्लेटफॉर्म 3 से मध्यप्रदेश जा रही है और उसका आखिरी स्टेशन पंचमढ़ी है जोकि एक हिल स्टेशन है। बाकी सभी ट्रैन के टाइम थोड़ा आगे-पीछे है।“ अब अनुज मुस्कुराकर उसे देखने लगा तो वह बोल पड़ा, “ तेरा कहना है कि सम्राट इस ट्रैन से जा रहा है?” “हाँ सम्राट भी और वह सीरियल किलर भी।“ यह सुनकर अश्विन की आँखे बड़ी हो गई, “इसका मतलब...... यह वही ट्रेन है!!!!” “अब यश से आगे की कहानी सुन!!!”
“सर इस ट्रैन में छह डिब्बे है और हर डिब्बे में पाँच लोग है सिर्फ छठे डिब्बे में छह लोग लोग है। यानी यह एक रिजर्वेशन ट्रैन है।“
“पहला डिब्बा: इसमें दो पति-पत्नी एक बुजुर्ग और एक दस साल का बच्चा है। पति पत्नी दोनों 38 के आसपास और बुजुर्ग़ 60 साल के है।
दूसरा डिब्बा : पाँच कॉलेज किड्स है जिनकी उम्र 20 साल से नीचे है।
तीसरा डिब्बा : पाँच बुजुर्ग जो महाकालेश्वर जा रहें हैं। जिनकी उम्र 50 से साठ साल के बीच में है।
चौथा डिब्बा : दो शादीशुदा जोड़े और एक जोड़े के साथ पाँच साल का बच्चा है। एक जोड़े की उम्र 28 से 30 साल के बीच में है और बाकी दोनों 45 के आसपास है।
पाँचवां डिब्बा: चार स्कूल के बच्चे जिनकी उम्र 15 साल है और एक टीचर, जिसकी उम्र 50 साल की है।
छठा डिब्बा: यहाँ छह लोग अलग-अलग प्रोफेशन से है और सबकी उम्र 30 से 45 साल है।
“गुडवर्क यश!!!”अब अश्विन खड़ा हुआ और प्रोजेक्टर के पास आकर उसने एक इलेक्ट्रिक पेन उठाया और स्क्रीन पर कुछ लिखते हुए बोलने लगा और यश और अनुज उसकी बात सुनने लगे,
“पहला डिब्बा: 30 % किलर के होने चांसेस है क्योंकि सम्राट की उम्र 33 साल है और सर्जरी से उसका चेहरा बदलेगा उम्र तो बढ़ेगी नहीं फिर भी उस आदमी के सम्राट होने के चान्सेस 10% ही है।
दूसरा डिब्बा : दोनों के चान्सेस 0% है क्योंकि किलर और सम्राट दोनों इतनी छोटी उम्र के नहीं हो सकते।
तीसरा डिब्बा : दोनों के चान्सेस 0% है क्योंकि किलर और सम्राट दोनों इतनी बड़ी उम्र के नहीं हो सकते।
चौथा डिब्बा : इन कपल की उम्र को देखते हुए किलर और सम्राट दोनों के 50% होने के चान्सेस है। यह सम्राट किसका नकली पति , बेटा या प्रेमी बन जाए कुछ नहीं कहा जा सकता और किलर इसमें से कोई भी हो सकता है।
पाँचवां डिब्बा: दोनों के चान्सेस 0% है क्योंकि किलर और सम्राट बच्चे तो नहीं हो सकते।
छठा डिब्बा: इन सबकी उम्र को देखते हुए किलर और सम्राट दोनों के 95% होने के चान्सेस है ।“
“अश्विन इसका मतलब गाड़ी के छठे और चौथे डिब्बे में ही सम्राट और किलर है?” “ अनुज मेरी सिक्स सेंस कह रही है कि इस छठे डिब्बे में ही हमारी तलाश खत्म होगी, अब प्लान यह है कि जिस स्टेशन पर पहली, चौथी और छठे डिब्बे की सवारी उतरेगी उसी स्टेशन पर उसने पूछताझ होगी। मैं छठे डिब्बे में ट्रेवल करूँगा और ट्रैन से उतरते ही इन्हें अपने साथ पूछताझ के लिए लेकर जाऊँगा।“ “सर इसका मतलब है, हमारी टीम हर स्टेशन पर मौजूद होगी? “ “हाँ यश टीम बनाओ।“ “यार पर तू छठे डिब्बे में क्यों ट्रेवल करेगा? “ “क्योंकि मुझे इन छह को देखते ही पता लगाना है कि कौन कितने पानी में है पर ध्यान रहें कि किसी भी सवारी को यह नहीं पता चलना चाहिए कि हम किलर या उस सम्राट को ढून्ढ रहें हैं, पूछने पर बता देना कि कोई गैंगस्टर फरार है।“ अश्विन के मुँह से यह सुनकर अनुज बोला, “ हाँ हम कोई चांस भी नहीं ले सकतें ।“
अब यश एक टीम का गठन करने के लिए रूम से चला गया। उसके जाते ही अश्विन ने कहा, “यश का भी प्रमोशन बनता है, “ “ हाँ तू सही कह रहा है, मैं पीसी गुप्ता से बात करूँगा और हमारे इस प्लान की किसी को कानों कान खबर नहीं होनी चाहिए।“ “अच्छा! कोमल कैसी है?” “ठीक है, अश्विन, अब मैंने अपनी माँ को बुला किया है और वैसे 15 दिसंबर को कोमल का बर्थडे भी है।“ अनुज के यह कहते ही अश्विन बोल पड़ा, “अरे! हाँ मैं तो भूल ही गया था,” “ इतने सालों से विश जो नहीं किया।“ अनुज ने तंज किया। “सॉरी यार!!!” “पर तू ध्यान रखना, पहला स्टेशन जो मालपुरा है, तेरी ड्यूटी वही रहेगी ताकि तू आराम से घर जा सकें।“ “हाँ यार मैं समझता हूँ। तुझे पता है, मैं पिछली बार भी कोमल के बर्थडे पर उसे कहीं लेकर नहीं गया था।“ अनुज एक फीकी हँसी हँस दिया। “तभी उसको तुझसे इतनी शिकायते है, “ “उसको नहीं, उसकी माँ को है।“ “अनुज ने अब और बुरा सा मुँह बना लिया।“ “जो भी है, सच्चा प्यार बहुत मुश्किल से मिलता है, उसे ऐसे जाने देना बेवकूफी है।“ यह कहते हुए अश्विन के चेहरे पर एक टीस उभर आई जिसे अनुज ने भी देख लिया। “कब बताएगा तेरे और ईशा की बीच हुआ क्या था?” “मेरी छोड़, यह सोच की 15 तारीख इतिहास में अमर होने वाली है,” अश्विन ने उत्साहित होकर कहा तो अनुज भी मुस्कुराते हुए बोला, “वो तो होगी ही क्योंकि एक ही डिब्बे में सीरियल किलर, माफिया किंग और कोई मुसाफिर या कोई हसीना !!!” अश्विन ने भी ज़वाब में मुस्कुराते हुए कहा, “अब आएगा मज़ा !!!”