hindi Best Thriller Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Thriller in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures....Read More


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  • अनंत के उस पार - 8

    घर के पीछेबिट्टू की वह आख़िरी फुसफुसाहट "वो आदमी हर रात आपके घर के पीछे खड़ा रहत...

  • अंधेरी रात का राज़ - भाग 1

    रात के करीब बारह बजे थे। पूरा गाँव गहरी नींद में सो रहा था। चारों तरफ सन्नाटा था...

प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 12 By RAAHULL SHARMA

मजूमदार विलामजूमदार विला का अब किसी युद्ध के मैदान जैसा लग रहा था। यह एक आलीशान बंगला था, लेकिन आज इसकी दीवारों से डर और सस्पेंस की गंध आ रही थी।मजूमदार विला के ऊंचे ऊंचे लोहे के ग...

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प्रहेलिका (एक तलाश ) - 8 - दुर्घटना By Devaki Singh

बेटा समझा करो, देखो यहां कितनी भीड़ है तुम्हारी मॉम को हमें ढूंढने में परेशानी होगी lपर जोश तो जिद्द पर अड़ जाता है उसकी एक बात नहीं सुनता हैं l वह उसे रोकता है लेकिन जोश उसका हाथ...

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 39 By Irfan ayan Khan

अयान ने बिना एक शब्द कहे सीधे खिड़की की तरफ कदम बढ़ाए। बाहर सुबह की पहली सुनहरी धूप रॉयल पैलेस के विशाल बगीचे और ओस से भीगी घास पर फैल रही थी।उसने खिड़की के ठंडे कांच पर अपना हाथ रख...

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बैंक रॉबरी By Arun Singla

बैंक रॉबरी chapter -1
आज इंडियन सेंट्रल बैंक की श्यामनगर की साखा में एक अजीब  किस्म का सन्नाटा छाया हुआ था, हालाँकि सुबह के ग्यारह बजे थे और क्योंकि साखा बाज़ार के बीच में स्थित थी...

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श्रापित नज़र - 2 By jaisy singh

राजीव ने हल्की मुस्कान के साथ कहा,All right, Miss श्रावणी. तुम्हारी आँखों में सच्चाई है। Welcome to JS Group of Architectures।यह सुनते ही जैसे समय एक पल को ठहर गया।श्रावणी की उंगलि...

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अनंत के उस पार - 8 By Shivam Dalvadi

घर के पीछेबिट्टू की वह आख़िरी फुसफुसाहट "वो आदमी हर रात आपके घर के पीछे खड़ा रहता है" मीरा के कानों में किसी भारी घंटी की तरह गूँज रही थी।नील झील से शर्मा हवेली की तरफ़ जाने वाला स...

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अंधेरी रात का राज़ - भाग 1 By Mannu Gujjar

रात के करीब बारह बजे थे। पूरा गाँव गहरी नींद में सो रहा था। चारों तरफ सन्नाटा था और दूर पहाड़ों से आती हवा पेड़ों को हिला रही थी।गाँव के आखिरी छोर पर रहने वाला अर्जुन अचानक एक अजीब...

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राज़ के सात फेरे - 5 By jaisy singh

राठौर मेंशन की भव्य सीढ़ियाँ चढ़ते हुए चंचल मुस्कुराती हुई अन्विका को ऊपर ले जा रही थी।पूरे कॉरिडोर में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ था। दीवारों पर लगी महंगी पेंटिंग्स, सुनहरे फ्रेम वाले...

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ऋणानुबंध - अंत एक नई शुरुआत - 2 By Parthiv Patel

अलसुबह का समय था। वातावरण में कोहरा छाया हुआ था और कोहरे के कारण आसपास एकदम ठंडक फैली हुई थी। माउंट आबू हिल स्टेशन के किसी ऊंचे पर्वत पर स्थित थोड़े समतल भाग पर आठ-दस टेंट लगे हुए...

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वेरियन के आसमान का खूंखार ताज - 6 By sukhvinder Singh Rai

### बर्फीले सफर की तैयारीब्लडस्टोन कैसल के उस विशाल कक्ष में रॉक्स की बात सुनकर एक पल के लिए सन्नाटा छा गया। आग की लपटें अभी भी दीवारों पर टिमटिमा रही थीं, और रॉक्स की लाल आँखें उस...

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जिंदगी की दूसरे किनारा - 31 By AbhiNisha

जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 31और तभी अचानक मेघना के सांस चढ़ते हुए अटक जाती है और अचानक उसके पलके झट से आवाज सुनते हूए सुकोड़ते हुए खुलती है और तभी अचानक दिखती है  उसकी आंखें भरी...

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धुंध के पीछे - 2 By Shaziya Khan

भाग 2: शक का सायाड्रॉइंग रूम का भारी दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ आई। इंस्पेक्टर आदिल पुलिस की गाड़ियों के साथ जा चुका था। घर में अब सिर्फ मुस्कान और दानिश थे।मुस्कान सोफे पर पत्थर की...

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डेमोक्रेसी बंध By Sowmiya Narayanan Balakrishnan

डेमोक्रेसी बंधकॉपीराइट © एस.एन. (सौम्या नारायणन बालकृष्णन)। सर्वाधिकार सुरक्षित।यह एक काल्पनिक कृति है। इसमें दिए गए नाम, पात्र, स्थान, घटनाएँ, और राजनीतिक तंत्र लेखक की कल्पना की...

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जुनून - 1 By Nehal Jain

चारो तरफ देखो तो रेगिस्तान की रैत ही रैत दिख रही है। इंसान को लू लगा देने वाली तेजी से चलती हुई गरम हवाएं एक समन्दर को नागफनी से नीचे गिरा देती है। आसमान में गिद्ध का झुंड गोल-गोल...

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काफला यूँ ही चलता रहा - 9 By Neeraj Sharma

------------3*----- गहरे राज उसी जगह खड़ा था यहां कभी कथलीन ख़डी होती थी... आज मानक ने महसूस किया ---- " किसी को धोखे मे मत रखो। " चलो होता है जवानी के जोश मे, पर होश मत खो दो। प्यार...

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शापित मुहर - 4 By Shanaya khan

Ethan कुछ समझने की कोशिश ही कर रहा था कि अचानक...उसके कानों में स्त्री स्वर गूँजा—"धारक की पहचान पूर्ण...""रक्त अनुबंध स्थापित...""प्रथम दृष्टि प्रदान की गई..."सुनहरी रोशनी धीरे-धी...

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अंधेरे में कोई है By Vijay Erry

अंधेरे में कोई है     लेखक: विजय शर्मा एरी (Vijay Sharma Erry)रात के बारह बज चुके थे। शहर की हलचल थम चुकी थी। सिर्फ कभी-कभी दूर किसी कुत्ते की आवाज़ या हवा में पत्तों की सरसराहट सु...

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क्रैश एंड सर्वाइवल (अमेज़न डायरीज़) - 15 By Shaziya Khan

एपिसोड 10 (अतीत का साया और सुलगती रात)टोनी और बिल की खौफनाक मौत के बाद, बचे हुए 8 लोगों (लारा, सोफिया, मैट, पॉल, ऐशली और रोज़ी) के पैरों तले से मानो ज़मीन ही खिसक गई थी। शाम ढल चुकी...

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बेगूसराय द डार्क सिंडिकेट - 7 By RAAHULL SHARMA

यह दृश्य बेहद भावुक और तनावपूर्ण है। यहाँ उन नारों और शोर की गूंज दी गई है जो संध्या के घर के बाहर सुनाई दे रहे थे, जो उसके मान-सम्मान को पूरी तरह झकझोर देने वाले हैं:घर के बाहर गू...

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1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 8 By RAAHULL SHARMA

इस खबर ने कमरे में मौजूद हर शख्स को पत्थर बना दिया। पंडित शास्त्री केवल एक पुजारी नहीं थे,वे कोलकाता की आस्था और सांप्रदायिक एकता का स्तंभ थे। उन्हें शहर का 'सत्यवादी' पुरु...

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Shakti ke Shiv - 9 By sheetal

रात के लगभग साढ़े नौ बजे थे।सिंह परिवार के घर की ऊपरी मंज़िल पर बना स्टडी रूम हमेशा की तरह शांत था। दीवारों पर सजी किताबें, बीच में रखी विशाल सागौन की मेज़ और खिड़की के बाहर पसरा ब...

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प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 12 By RAAHULL SHARMA

मजूमदार विलामजूमदार विला का अब किसी युद्ध के मैदान जैसा लग रहा था। यह एक आलीशान बंगला था, लेकिन आज इसकी दीवारों से डर और सस्पेंस की गंध आ रही थी।मजूमदार विला के ऊंचे ऊंचे लोहे के ग...

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प्रहेलिका (एक तलाश ) - 8 - दुर्घटना By Devaki Singh

बेटा समझा करो, देखो यहां कितनी भीड़ है तुम्हारी मॉम को हमें ढूंढने में परेशानी होगी lपर जोश तो जिद्द पर अड़ जाता है उसकी एक बात नहीं सुनता हैं l वह उसे रोकता है लेकिन जोश उसका हाथ...

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 39 By Irfan ayan Khan

अयान ने बिना एक शब्द कहे सीधे खिड़की की तरफ कदम बढ़ाए। बाहर सुबह की पहली सुनहरी धूप रॉयल पैलेस के विशाल बगीचे और ओस से भीगी घास पर फैल रही थी।उसने खिड़की के ठंडे कांच पर अपना हाथ रख...

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बैंक रॉबरी By Arun Singla

बैंक रॉबरी chapter -1
आज इंडियन सेंट्रल बैंक की श्यामनगर की साखा में एक अजीब  किस्म का सन्नाटा छाया हुआ था, हालाँकि सुबह के ग्यारह बजे थे और क्योंकि साखा बाज़ार के बीच में स्थित थी...

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श्रापित नज़र - 2 By jaisy singh

राजीव ने हल्की मुस्कान के साथ कहा,All right, Miss श्रावणी. तुम्हारी आँखों में सच्चाई है। Welcome to JS Group of Architectures।यह सुनते ही जैसे समय एक पल को ठहर गया।श्रावणी की उंगलि...

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अनंत के उस पार - 8 By Shivam Dalvadi

घर के पीछेबिट्टू की वह आख़िरी फुसफुसाहट "वो आदमी हर रात आपके घर के पीछे खड़ा रहता है" मीरा के कानों में किसी भारी घंटी की तरह गूँज रही थी।नील झील से शर्मा हवेली की तरफ़ जाने वाला स...

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अंधेरी रात का राज़ - भाग 1 By Mannu Gujjar

रात के करीब बारह बजे थे। पूरा गाँव गहरी नींद में सो रहा था। चारों तरफ सन्नाटा था और दूर पहाड़ों से आती हवा पेड़ों को हिला रही थी।गाँव के आखिरी छोर पर रहने वाला अर्जुन अचानक एक अजीब...

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राज़ के सात फेरे - 5 By jaisy singh

राठौर मेंशन की भव्य सीढ़ियाँ चढ़ते हुए चंचल मुस्कुराती हुई अन्विका को ऊपर ले जा रही थी।पूरे कॉरिडोर में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ था। दीवारों पर लगी महंगी पेंटिंग्स, सुनहरे फ्रेम वाले...

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ऋणानुबंध - अंत एक नई शुरुआत - 2 By Parthiv Patel

अलसुबह का समय था। वातावरण में कोहरा छाया हुआ था और कोहरे के कारण आसपास एकदम ठंडक फैली हुई थी। माउंट आबू हिल स्टेशन के किसी ऊंचे पर्वत पर स्थित थोड़े समतल भाग पर आठ-दस टेंट लगे हुए...

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वेरियन के आसमान का खूंखार ताज - 6 By sukhvinder Singh Rai

### बर्फीले सफर की तैयारीब्लडस्टोन कैसल के उस विशाल कक्ष में रॉक्स की बात सुनकर एक पल के लिए सन्नाटा छा गया। आग की लपटें अभी भी दीवारों पर टिमटिमा रही थीं, और रॉक्स की लाल आँखें उस...

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जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 31और तभी अचानक मेघना के सांस चढ़ते हुए अटक जाती है और अचानक उसके पलके झट से आवाज सुनते हूए सुकोड़ते हुए खुलती है और तभी अचानक दिखती है  उसकी आंखें भरी...

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डेमोक्रेसी बंध By Sowmiya Narayanan Balakrishnan

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------------3*----- गहरे राज उसी जगह खड़ा था यहां कभी कथलीन ख़डी होती थी... आज मानक ने महसूस किया ---- " किसी को धोखे मे मत रखो। " चलो होता है जवानी के जोश मे, पर होश मत खो दो। प्यार...

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Ethan कुछ समझने की कोशिश ही कर रहा था कि अचानक...उसके कानों में स्त्री स्वर गूँजा—"धारक की पहचान पूर्ण...""रक्त अनुबंध स्थापित...""प्रथम दृष्टि प्रदान की गई..."सुनहरी रोशनी धीरे-धी...

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अंधेरे में कोई है By Vijay Erry

अंधेरे में कोई है     लेखक: विजय शर्मा एरी (Vijay Sharma Erry)रात के बारह बज चुके थे। शहर की हलचल थम चुकी थी। सिर्फ कभी-कभी दूर किसी कुत्ते की आवाज़ या हवा में पत्तों की सरसराहट सु...

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एपिसोड 10 (अतीत का साया और सुलगती रात)टोनी और बिल की खौफनाक मौत के बाद, बचे हुए 8 लोगों (लारा, सोफिया, मैट, पॉल, ऐशली और रोज़ी) के पैरों तले से मानो ज़मीन ही खिसक गई थी। शाम ढल चुकी...

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बेगूसराय द डार्क सिंडिकेट - 7 By RAAHULL SHARMA

यह दृश्य बेहद भावुक और तनावपूर्ण है। यहाँ उन नारों और शोर की गूंज दी गई है जो संध्या के घर के बाहर सुनाई दे रहे थे, जो उसके मान-सम्मान को पूरी तरह झकझोर देने वाले हैं:घर के बाहर गू...

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1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 8 By RAAHULL SHARMA

इस खबर ने कमरे में मौजूद हर शख्स को पत्थर बना दिया। पंडित शास्त्री केवल एक पुजारी नहीं थे,वे कोलकाता की आस्था और सांप्रदायिक एकता का स्तंभ थे। उन्हें शहर का 'सत्यवादी' पुरु...

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Shakti ke Shiv - 9 By sheetal

रात के लगभग साढ़े नौ बजे थे।सिंह परिवार के घर की ऊपरी मंज़िल पर बना स्टडी रूम हमेशा की तरह शांत था। दीवारों पर सजी किताबें, बीच में रखी विशाल सागौन की मेज़ और खिड़की के बाहर पसरा ब...

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