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चारू की बात सुन अमोघ चौक गया । उसने बारी बारी से चारो को देखा और अपनी एक भव उठा दी । चारू ने ये देखा तो मुस्कुरा दी ।
" ये अपनी एक भव उठाना बंद करो ! मै तुम्हे सब बता रही हूं । ", चारू ने कहा ।
" तो बोलो ना ! ", अमोघ चीढ कर बोला ।
" हम लोगो को तुम्हे एहसास दिलाना था की तुम प्यार के नाम पर नैना के साथ जबरदस्ती कर रहे हो । इसलिए मैने ये प्लान किया की हम तुम्हे आइना दिखाएंगे । लेकिन इसके लिए हमे नव्या की हेल्प लगती मैने उससे पुछा और वो मान गई। हम कैंटीन मे बैठे थे और डिस्कस कर ही रहे थे कि जब ये शशांक खुद आ गया । ", चारू ने बोलते बोलते शशांक को घूर कर देखा तो शशांक ने कंधे झटक दिए ।
" तुम ये ज्यादा कंधे मत झटके नही तो झटका कर इन्हे उखाड दुंगी मै....! ", नव्या शांती से बोली । शशांक ने मुंह बना लिया । और वो चारू को देखने लगा । चारू ने ना मे गर्दन हिलाई और दुबारा बोलना शुरू किया ।
" हमे एक लडके की जरूरत तो पडती ही तो हमने इसे अपने प्लान मे शामिल कर लिया और...", चारू आगे बोलती का नैना बीच बोल पडी , " हमने इसे शामिल नही किया बल्कि ये खुद शामिल हो गया । इसने हमे धमकी दी की अगर हमने इसे अपने प्लान मे शामिल नही किया तो ये जाकर तुम्हे सब बता देगा और दो चार बात और बडा चढाकर बताएगा ! तो हमे मजबूरन इस गधे को प्लान मे इनकलुड करना पडा । " , नैना ने आंखे गोल घुमाकर कहा ।
अमोघ ने उसे देखा और उसकी धडकने बडने लगी । वो एकटक नैना को देखने लगा । तभी शशांक ने उसकी पीठ पर लात मार दी तो अमोघ होश.मे आया । उसने पलट कर शशांक को खुनी निगाह से देखा तो शशांक बोला , " उसे घूरना बंद करो नही तो कूट दुंगा ! मेरी बहन है वो। "
नैना ने शशांक को देखा । उसकी आंखो मे कुछ ऐसा था जैसे वो ना जाने क्या पा लिया था उसने ।
तभी चारू ने ताली बजाना शुरू कर दिया । सबका ध्यान उसकी तरफ हो गया ।
" क्या हुआ तुम्हे ? ", नव्या ने भवे उठाकर सवाल किया ।
चारू उसकी तरफ देखकर बोली , " बार बार बीच मे बोल रहे हो सारे ...बात बताने दोगे भी या नही ! "
" हमने कौनसा तुम्हारा मुंह बंद कर रखा है ! बोलो तुम । ", नव्या ने लापरवाही से कहा ।
"आप बोलो ! ", अमोघ ने चारू को बोला ।
" हां तो सुनो...और अब कोई बीच मे नहा बोलेगा ! ", चारू ने सबको उंगली दिखाते हुए कहा । सबने हां मे सर हिला दिया तो चारू ने दोबारा बोलना शुरू किया , " हमने प्लान बनाया किया कि नव्या जल्दी युनि आ जाएगा । क्योकि तुम्हे आदत है इसे रोज गले लगाकर दिन शुरू करने की तो हमे पता था कि तुम उसे ढुंढोगे! हमने तुम्हे यहा आते हुए देख लिया था । हमने जल्दी से नव्या के बाल बिखरा दिए और उसकी आंखो मे गलिसरीन डाल दी लेकिन वो ज्यादा डल गया । तो उसकी आंखे लाल हो गई बहुत और आसू बहने लगे । लेकिन ये हमारे हित मे था । तुम्हे आते देख हमने अपना प्लान एक्जीक्यूट किया । थोडी बहुत खींचतान की आवाज क्रि इन दोनो ने और तुम तो बस गुस्से मे आ गए और बाकि का तुम्हे पता ही है । "
चारू चुप हो गई। अमोघ ने सब को देखा । ये शातिर लोग दिखते ही मासूम है ! नही..ये शशांक कहा से मासूम है! इस से बडा हरा...!
" एआईईईई!!", शशांक जोर से चिल्लाया । सारो ने चौंक कर उसे देखा ।
नव्या खीज कर बोली, " अब तुम्हे क्या हुआ? "
" ये तुम्हारा भाई मन मे गाली दे रहा है मुझे ! ", शशांक ने अमोघ को घूरते हुए कहा ।
अमोघ ने आंखे बडी कर उसे देखा।
" तू मेरी मन की बात कैसे सुन सकता है ? "
" तू मन मे इतनी जोर से बोलेगा तो मुझे तो सुनाई देगा ही !"
" सच बोल चौहान...तुने काला जादू का कोर्स कर रखा है ! "
" ऐसा कुछ भा नही है! "
" ऐसा ही है ! "
"नही है ! "
" है ! "
" अरे बस ! ",, पीछे से एक भारी आवाज आई। सारे चेहरे दरवाजे की तरफ घूम गए।
चारू ने जैसे ही दरवाजे कि तरफ देखा उसका धडकनो ने रफ्तार पकड ली । उसका गला सूखने लगा था । दरवाजे पर अमर खडा था । अमर सर ! ये यहा क्या कर रहे ?
अमर ने अपने सामने खडे तीन स्टूडेंट्स और दो स्टूडेंट्स जो जमीन पर बैठे उसे ही आंखे फाडे देख रहे थे , उनको देखा ।
फिर वो अपनी कडक आवाज मे बोला , " अगर तुम लोगो का गलती 'एहसास कराओ कार्यक्रम ' हो गया हो तो अपनी क्लास मे चले जाओ! यहा बैठे रहकर अपना वक्त और मा बाप का पैसा खराब मत करो ! चलो जाओ ! "
अमर का बात खतान होते ही नैना , शशांक और अमोघ भाग खडे हुए। वही नव्या पर ज्यादा असर नही हुआ लेकिन वो भी चला गई। उनके जाते ली अमर भी जाने को हुआ लेकिन उसका नजर चारू पर पडी जो अब भी जमीन पर आलती पालती मार कर बैठा थी और उसे ही देखे जा रही थी । अमर ने अपनी एक भव उठाकर उसे देखा और उसके सामने जाकर खडा हो गया ।
" आप खडी होंगी मिस या जिंदगी भर यहा बैठे रहने का इरादा है ! " ,अमर ने कहा ।
" अगर आप जिंदगी भर यू ही यहा खडे रहेंगे तो ! ", चारू खुद को रोकती उस से पहले ही उसके मुह से ये बात निकल गई। जब चारू को ये एहसास हुआ तो उस की आंखे इतनी बडी हो गई की अभी बाहर निकल आएगी ।
अमर ने आंखे सिकोड़कर उसे देखा ।
" अगर आपका हो गया हो तो क्लास मे जाइए ! ", अमर सर्द लहजे मे बोला ।
चारू चीते की रफ्तार से उठी और वहा से भाग खडी हुई ।
रास्ते मे जाते जाते उसने अपना सर पीट लिया । ये क्या हरकत कर आई तू चारू ! वो क्या सोच रहें होंगे तेरे बारे मे !
क्रमशः
इस भाग मे इतना ही मिलते है अगले भाग के साथ ।