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शीला
शीला ने अपनी शर्ट के बटन बंद करते हुए कहा, “कुछ दिन पहले एक कॉन्फेरन्स अटेंड करने मलेशिया जा रही थी, तब अरविन्द फ्लाइट में मिला था, उसने बताया कि अश्विन ने जानबूझकर मुझे सम्राट के केस से हटवा दियाl तुमने ऐसा क्यों किया, जहाँ तक मैं तुम्हें जानती हूँ तुम कोई प्रमोशन पाने के लिए तो ऐसा नहीं करोगे l” “तुम मुझे सही जानती होl” अब अश्विन ने टेबल के पास रखी घड़ी में देखकर कहा, “रात के तीन बजे ड्राइव करना सेव नहीं है, सुबह चली जानाl” यह सुनकर वह सिर्फ शर्ट लपेटे अश्विन के सीने पर सिर रखते हुए बोली, “क्यों सम्राट के पीछे अपनी रातों की नींद हराम कर रखी हैl” अश्विन ने गहरी साँस लेते हुए कहा, “बस इतना जान लो, मेरी ज़िन्दगी में एक तूफ़ान आया था, जिसकी वजह वो कमीना सम्राट हैl” यह कहते हुए उसकी आँखें गुस्से से लाल हो गईl “हम्म !!! इसे आगे तो तुम बताओगे नही, इसलिये पूछना बेकार है तो गुडनाइट l “ उसने अश्विन के गाल पर किस करते हुए कहा और अश्विन ने भी मुस्कुराते हुए लाइट बंद कर दीl
सुबह अनुज किचन में नाश्ता बना रहा है, कोमल नाईट गाउन में किचन के पास खड़ी अलसाई नज़रों से अनुज को देखते हुए बोली, “तुम जल्दी उठ गए, आज जल्दी जाना है क्या? “ “नहीं नींद आ रही थी,” उसने कोमल को बिना देखे ही जवाब दिया और कोमल भी उसे अनदेखा करते हुए अपने बाथरूम में चली गयी और अनुज ब्रेकफास्ट टेबल पर बैठकर खुद के बनाये हुए टोस्ट मुँह में ठूसने लगाl
अश्विन भी अपने अपार्टमेंट में अपने डाइनिंग टेबल पर अपने और शीला के लिए नाश्ता लगा रहा है, अब उसने शीला को आवाज देकर नाश्ते के लिए बुलाया तो वह रेड टी-शर्ट और ब्लैक जीन्स के साथ थोड़ा मेकअप करें, इतराती हुई उसके सामने आकर बैठ गयी तो अश्विन उसे घूरते हुए मुस्कुराने लगा उसने उसकी यह हरकत देखकर हाथ में चमच्च और फोर्क उठाते हुए कहा,
“क्या हुआ, क्यों मंदमंद मुस्कुरा रहें हो?”
“तुमने मेरी टी-शर्ट पहनी हुई हैl”
“हाँ क्योंकि मेरा बैग होटल में है और तुम्हारी यही टीशर्ट थोड़ी ठीक-ठाक आई हैl” उसके चेहरे पर मुस्कान हैl
“वैसे कहाँ जा रही हो? “
“आज भी एक मीटिंग है, उसने अब कॉफी का कप हाथ में पकड़ लियाl” अब अश्विन की नज़र उसके होंठो पर चली गईl
“तुम्हारी लिपस्टिक का कलर बहुत अच्छा लग रहा हैl”
“ थैंक्स!! मेर ही ब्रैंड का हैl”
“क्या मतलब?” उसने उसे सवालियां नज़रों से देखाl
“मैंने तीन साल पहले अपना कॉस्मेटिक ब्रैंड शुरू किया था, फ्यूज़न!!!!”
“गुड! मार्केटिंग मैनेजर होने के साथ-साथ यह अकेले मैनेज कर लिया?” अश्विन हैरान हैl
“अकेले तो.......... ?” “पहले तुम नाश्ता कर लो, तुम्हें देर हो रही होगीl” अश्विन ने उसकी बात बीच में काटते हुए जवाब दियाl “अच्छा, डार्लिंग मैं चलती हूँ, आज का दिन और दिल्ली में हूँ तो शाम को मिलते हैंl यह कहकर उसने अश्विन के गालों को किस किया और बाहर की तरफ निकल गईl” अश्विन भी उसे बाय कहकर फिर से अपने नाश्ते में बिजी हो गयाl
पुलिस स्टेशन में अनुज माया के होटल की फुटेज देखकर यश के साथ इसी बारे में बात कर रहा हैl तभी अश्विन को देखकर उसके चेहरे पर मुस्कान आ जाती हैl “क्या बात है, बड़ा फ्रेश लग रहा हैl” “हम्म शीला आई हुई हैl” “ वो मुंबई वाली?” “ हाँ वहींl” उसने पेपरवैट घुमाते हुए कहाl अब यश से रहा नहीं गया तो उसने मज़ाकियाँ अंदाज़ में पूछा,
“सर यह आप कैसे कर लेते है?”
“क्या !!!” अश्विन थोड़ा हैरान हैl
“मतलब यह लड़कियों को घुमाना, उनके साथ एन्जॉय करनाl मुझे तो कोई लड़की घास भी नहीं डालतीl” उसने झेंपते हुए कहाl
“यश यह भी एक आर्ट हैl वैसे तुम्हारी जानकारी के लिए बता दूँ कि शीला मेरी दोस्त भी है, हम बेनिफिट विद फ्रेंड्स हैl शीला ने मुंबई के सीरियल किलर को पकड़ने में मदद की थी, तभी से हमारी दोस्ती है l अश्विन ने उसे शीला और अपनी कहानी सुनाईl “खैर मेरी छोड़, यह बताओं तुम लोग क्या कर रहें हो, “ “माया के होटल की फुटेज देख रहें है, “ “कुछ मिला?” अश्विन ने अनुज से सवाल कियाl “वो आदमी जिसने माया पर हमला किया था, वह बाहर निकलकर भागा और मुझे लगता है कि दूसरे कमरे में जाते ही उसने चेहरे से नकाब उतार लिया ताकि उसे कोई पहचान ना पाएl” “आगे...” अश्विन ने अनुज की तरफ देखते हुए कहा l “फिर हमने देखा कि पूरी होटल की फुटेज में किसी भी आदमी पर हमें संदेह नहीं हैl सिवाय एक वेटर के......? “ “क्या मतलब?” अश्विन ने दोनों की तरफ देखा तो अनुज ने यश को बोलने के लिए कहा, “ सर यह वेटर मुँह पर रूमाल ढके छत पर जा रहा है,” अब उसने लैपटॉप अश्विन की तरफ घुमा दिया, उसने देखा कि तभी उसका रूमाल गिर जाता है और उसका चेहरा दिखाई देता है और वह जल्दी से फिर से चेहरा ढककर ऊपर की और भाग जाता है और होटल की छत का कैमरा बंद था और यह वेटर इस होटल का नहीं हैl “ “इसका मतलब यह आदमी रूम से निकलकर पहले स्टाफ रूम में जाकर वेटर बना और उसके बाद छत से भाग गयाl” “यस सर और यह होटल में काम नहीं करता था बस इसने उस दिन बड़ी चालाकी से वैटर के कपड़े पहने और मौका देखकर भाग गया और छत से गायब हो गयाl “ यश ने जवाब दियाl “आसपास तो कुछ नहीं है, पाइप जैसा भी कुछ नहींl” अनुज ने कहाl अब अश्विन ने कुछ सोचते हुए कहा, “होटल के आसपास की बिल्डिंग में जाओ और देखो, क्या पता अगर वहाँ कैमरा लगे हो तो हमें कोई क्लू मिल जायेl” यह सुनते ही यश चला गयाl
अब अनुज के थके चेहरे को देखकर अश्विन ने अंदाज़ा लगा लिया कि वह ठीक से सोया नहीं हैl उसने उसे गौर से देखते हुए कहा, “मैं कोमल से बात करने तेरे घर आ रहा हूँl” “आज रहने दे, शाम को उसके पेरेंट्स आने वाले हैंl” उसने यह कहकर बात वही खत्म कर दी तो अश्विन बाद में मिलने का कहकर स्टेशन से निकल गयाl पूरा दिन वह पुलिस हेड क्वार्टर में 26 जनवरी की परेड की सुरक्षा को लेकर अपने सीनियर के साथ मीटिंग करता रहा l शाम को अपने फ़ोन पर शीला का नंबर फ़्लैश होने लगा तो उसने मुस्कुराते हुए कहा,
“यस स्वीटहार्ट!!!”
“आज का डिनर साथ करते है, मैं कल की फ्लाइट से वापिस मुंबई जा रही हूँ, तुम होटल ताजपैलेस में बने रेस्ट्रा में पहुँच जाओl फ़ोन रखने के बाद अश्विन ने गाड़ी होटल ताजपैलेस की तरफ मोड़ दी l ताजपैलेस के रेस्ट्रा में अभी वह घुस ही रहा था कि उसकी नज़र शीला को “बाय” बोलती माया पर चली गईl उसने जल्दी से खुद को माया की नज़र से दूर किया और उसके निकलते ही अश्विन शीला के सामने वाली कुर्सी पर बैठते हुए बोला, “ तुम माया को जानती हो ?” “ तुम भी जानते हो, “शीला थोड़ा हैरान है l “ मेरी छोड़ो, अपनी कहो, “ “तुम इसे कैसे जानती हो?” इसके बाद शीला ने उसे जो बताया उसे सुनकर अश्विन के होश उड़ गएl