एपिसोड 13: साजिश के पीछे का चेहरा
अस्पताल की गलियों में हलचल थी। मरीजों के रिश्तेदार फुसफुसा रहे थे, स्टाफ के बीच भी तनाव था, और सबसे ज्यादा बेचैनी आदित्य के चेहरे पर दिख रही थी। अर्जुन के केस ने उसके मन में कई सवाल खड़े कर दिए थे। क्या यह सच में एक एक्सीडेंट था, या कोई सोची-समझी साजिश? और अगर यह साजिश थी, तो इसके पीछे कौन था?
भावेश की नई चाल
भावेश अस्पताल के कॉरिडोर में टहलते हुए हल्की मुस्कान के साथ सबकुछ देख रहा था। वह जानता था कि उसकी चाल धीरे-धीरे असर कर रही थी। उसने आदित्य को कमजोर करने के लिए एक और चाल चली।
रात के समय, जब अस्पताल में सन्नाटा था, भावेश चुपचाप सिक्योरिटी रूम में गया और सीसीटीवी फुटेज को चेक किया। उसने कुछ सेकंड की रिकॉर्डिंग कॉपी की और फिर अपने एक पत्रकार दोस्त को भेज दी।
"देखते हैं, अब अस्पताल की छवि कैसे खराब नहीं होती!" उसने बुदबुदाया।
राधिका का डर
राधिका, जो अभी भी अर्जुन के आईसीयू के बाहर बैठी थी, डर और चिंता से घिरी थी। जब आदित्य उसके पास आया, तो उसने धीरे-से कहा—
"डॉक्टर, मैंने सुना है कि कुछ लोग अस्पताल को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। मेरा शक सही था, अर्जुन का एक्सीडेंट एक साजिश थी।"
आदित्य ने उसे भरोसा दिलाया—
"राधिका, मैं अर्जुन को इंसाफ दिलाऊँगा। लेकिन मुझे तुम्हारी मदद चाहिए। तुम्हें याद करना होगा कि अर्जुन की आखिरी मुलाकात किससे हुई थी।"
राधिका कुछ सोचने लगी, फिर धीरे से बोली—
"उस रात अर्जुन ने मुझसे कहा था कि वह अपने पुराने दोस्त भावेश से मिलने जा रहा है..."
यह सुनते ही आदित्य का शक पक्का हो गया।
अस्पताल में नया विवाद
अगली सुबह, अस्पताल में एक और बड़ी समस्या खड़ी हो गई। न्यूज चैनलों पर ब्रेकिंग न्यूज़ चल रही थी—
"टूटे हुए दिलों का अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा खतरे में! क्या यहाँ मर्डर हो रहा है?"
सीसीटीवी फुटेज में एक मरीज को स्ट्रेचर से गिरते हुए दिखाया गया था, लेकिन असली वीडियो में यह एक छोटी सी गलती थी जिसे गलत तरीके से पेश किया गया था।
अस्पताल के मैनेजमेंट ने तुरंत आदित्य को बुलाया।
"डॉ. आदित्य, ये क्या हो रहा है? अगर मीडिया का दबाव बढ़ा, तो हमें अस्पताल बंद करना पड़ेगा!"
आदित्य ने गहरी सांस ली। अब वह समझ गया था कि यह सिर्फ एक एक्सीडेंट नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी, और इसके पीछे भावेश का हाथ था।
अर्जुन का खुलासा
आईसीयू में अर्जुन की हालत धीरे-धीरे सुधर रही थी। जब वह होश में आया, तो आदित्य ने उससे सीधे सवाल पूछा—
"अर्जुन, मुझे सच बताओ। तुम्हारे एक्सीडेंट के पीछे कौन था?"
अर्जुन ने मुश्किल से अपनी आँखें खोलीं और कमजोर आवाज़ में कहा—
"भाव... भावेश... उसने मुझे जान से मारने की कोशिश की..."
आदित्य की आँखों में गुस्सा साफ झलक रहा था।
"अब वक्त आ गया है कि भावेश को बेनकाब किया जाए!"
एपिसोड का अंत
अब आदित्य के पास सबूत थे—राधिका की गवाही, अर्जुन का बयान, और अस्पताल में हो रही साजिशों के इशारे। लेकिन क्या वह भावेश को पकड़ने में कामयाब होगा?
(अगले एपिसोड में: आदित्य कैसे करेगा भावेश का पर्दाफाश? क्या अस्पताल की इमेज बच पाएगी? जानने के लिए पढ़ते रहिए...)
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कैसा लगा ये एपिसोड? अब आगे की कहानी और रोमांचक होती जा रही है!