hindi Best Motivational Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Motivational Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations a...Read More


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  • रानी का राजा किसी और के

    कहानी -रानी का राजा किसी और कासपने आंखों में सजाए सुमन अपने लिए डोली से उतरी तो...

  • अमृत वाणी - संत वाणी - 26

    संत श्रीसाईं बाबा की यह वाणी किसी भी जीव की भूख को शांत करने और अपनी क्षमता के अ...

  • आरती का कैफे

    आरती का कैफेएक महाविद्यालय के खेल के मैदान में बहुत से छात्र एकत्र थे। मंच पर मा...

छुट्टियों का आनंद By Vijay Erry

छुट्टियों का आनंद गर्मी की छुट्टियाँ शुरू होते ही स्कूल का माहौल पूरी तरह बदल गया था। आखिरी घंटी बजते ही बच्चे चीखते-चिल्लाते बाहर निकल पड़े। राहुल भी उनमें से एक था। कक्षा सात का...

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संकल्प मां का, आसमान बेटी का By Vandna Sharma

संकल्प मां का , आसमान बेटी का रीना शहर में पली-बढ़ी आधुनिक विचारों की संस्कारी लड़की थी। पढ़ी-लिखी, अपने पैरों पर खड़ी होने का सपना देखने वाली। पर किस्मत को कुछ और मंजूर था। किसी प...

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रानी का राजा किसी और के By Vandna Sharma

कहानी -रानी का राजा किसी और कासपने आंखों में सजाए सुमन अपने लिए डोली से उतरी तो आश्चर्य से खड़ी रह गई। किसी ने उसका स्वागत नहीं किया। सास तो अभी तक आई भी नहीं थी। सुमन की सास बबली...

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वक्त - किसका कैसा रहेगा, कौन जाने By kantilal Rathod Badamiya

⏳ वक्त — किसका कैसा रहेगा, कौन जाने ⏳“वक्त से जरूर डरना… क्योंकि वक्त कब किसको राजा बनाएगा और कब रंक, यह कोई नहीं जानता।”Author -Kantibhai Rathod Badamiya.━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ भाग...

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अमृत वाणी - संत वाणी - 26 By Nitya Oswal

संत श्रीसाईं बाबा की यह वाणी किसी भी जीव की भूख को शांत करने और अपनी क्षमता के अनुसार दान करने का सच्चा मार्ग समझाती है।“जो भूखा है उसे पहले भोजन दो, फिर मुझे भोग लगाओ।यदि तुम किसी...

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आरती का कैफे By Vandna Sharma

आरती का कैफेएक महाविद्यालय के खेल के मैदान में बहुत से छात्र एकत्र थे। मंच पर माइक पकड़े 24 वर्षीय युवा सोहन जोश से बोल रहा था। "मित्रो, आज हम सरकार से कोई मांग रखने या शिकायत करने...

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मंजिले - भाग 53 By Neeraj Sharma

बोध ------कहानी सगरहे की जबरदस्त कहानी मेरी पिरये सबसे जयादा.....   (    बोध ) वक़्त मे याद रखो महान नहीं बनना है... इंसान बनना है। जो किसी के काम आ सको... आलोचक नहीं, तुम कुछ नहीं...

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अधूरापन - 10 By Falguni Dost

अध्याय - 10गायत्री और मानस के बीच एक बार फिर प्यार का नया पुल बंध गया था। 'सब्र का फल मीठा होता है' की कहावत के अनुसार गायत्री ने सब्र रखा और उसे उसका मीठा फल चखने को मिल ह...

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कम्युनिकेशन स्किल्स By kantilal Rathod Badamiya

  कम्युनिकेशन स्किल्सबोलने की कला ही सफलता की सीढ़ी हैभाग – 1, 2 और 3️ लेखक : कान्तिभाई राठौड़ बदामिया भूमिकामनुष्य के जीवन में शब्दों की बहुत बड़ी भूमिका होती है।हम अपने विचारों क...

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भरोसा मत तोड़िए By kantilal Rathod Badamiya

️ भरोसा मत तोड़िए ️किसी के हिस्से की इंसानियत बचा लीजिएएक भावुक कहानी — ---️ भाग–1 : वह लड़का और उसकी छोटी-सी दुनियाशहर के पुराने हिस्से में एक छोटी-सी किराने की दुकान थी—“सद्भावना...

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जिसे मैं खरीद नहीं सका, उसने मुझे बहुत कुछ सिखा दिया By kantilal Rathod Badamiya

भाग — १पिताजी की दी हुई वह घड़ी…कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं, जिनकी कीमत दुकानदार तय करता है… लेकिन उनकी असली कीमत हमारे दिल में तय होती है।मेरे जीवन में भी एक ऐसी ही चीज़ थी—एक छोटी-सी...

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गुरु गोविंद सिंह का सचित्र जीवन - 6 By Sapna Badh

दादी नानकी जी दिन भर के बाल गोविन्द जी को पाकर उसे अपनी गोद में बिठाकर लाड प्यार करती रहती हर बच्चे की तरह बाल गोविन्द जी कहानी कथा सुनने का बड़ा चाव था।बाल गोविन्द जी अपनी दादी ना...

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रक्षा सूत्र By Vandna Sharma

लघु कथा- रक्षा-सूत्र लेखिका डॉ वंदना शर्मा आरव के स्कूल में आज "राखी बनाओ" गतिविधि हुई। रंग-बिरंगे धागों, मोतियों और कागज से उसने एक बहुत सुंदर राखी बनाई। अध्यापिका ने तारीफ भी की।...

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जहाज़ किनारे पर खड़े रहने के लिए नहीं बने होते By Madhavi Tripathi

सुरक्षा आराम देती है… लेकिन विकास आराम से बाहर होता है।समुद्र के किनारे खड़ा एक जहाज़ बहुत सुंदर लगता है।न लहरों का डर।न तूफ़ान का खतरा।न रास्ता भटकने की चिंता।सब कुछ सुरक्षित।सब क...

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दान किस तरह से देना चाहिए? By Nitya Oswal

यदि हमारे पास अतिरिक्त धन हो और हम उसे दान में देते है, तब भीतर कैसा भाव होना चाहिए, इसकी सुंदर समझ यहाँ मिलती है। साथ ही साथ यह भी ध्यान रखना चाहिए कि हम एक तरफ़ मंदिर या धार्मिक क...

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राहें - 19 By shiromani mathur

परमार्थडा. सिंह साहब के घर कोहराम मचा हुआ था। उनका मंझलाबेटा गगन सुबह-सुबह चल बसा था। सिंह साहब की पत्नी पछाड़खा खाकर रो रही थी। गगन की पत्नी श्रेया भी रोये जा रही थी,दो छोटे-छोटे...

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महाभारत हमें क्या सिखाता है? By Skp divine

महाभारत हमें क्या सिखाता है?— केवल युद्ध की कथा नहीं, जीवन का मार्गदर्शन हैमहाभारत का नाम लेते ही हमारे मन में कुरुक्षेत्र का युद्ध, पांडव और कौरव, श्रीकृष्ण, अर्जुन, द्रौपदी, भीष्...

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पुरानी ईमारत By Vijay Erry

पुरानी इमारतलेखक: विजय शर्मा एरीशहर के किनारे, जहाँ नई इमारतें आसमान छूने की होड़ में थीं, एक पुरानी इमारत खड़ी थी। तीन मंज़िला, पीली दीवारें जिन पर समय की परतों ने काला धब्बा जमा...

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वीचारों की जीत By Dayanand Jadhav

“जो विचार आपके मन में निराशा उत्पन्न करते हों, उन्हें तुरंत मन से बाहर निकाल देवें। और जो उत्साह बढ़ाने वाले विचार हों, उन्हें सदा अपने मन में रखें और उन्हीं के अनुसार आचरण करते रह...

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जब कलम जागी By Chandni choudhary

जब कलम जागी“श्वेता बेटा, जल्दी उठो। सुबह के नौ बज गए हैं और तुम अभी तक सो रही हो। जल्दी तैयार हो जाओ, आज हमें मंदिर जाना है।”रसोई से आती स्नेहभरी आवाज़ सुनकर श्वेता ने धीरे-धीरे आँ...

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संवेदना : स्त्री व पुरुष By Chandni choudhary

संवेदना : स्त्री व पुरुषभाग 1 : जन्म से पहले की संवेदनाजन्म से पहले ही एक माँ और पिता के मन में अपने आने वाले बच्चे के लिए संवेदनाएँ जन्म लेने लगती हैं। वे सोचते हैं कि उनका बच्चा...

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वीरों की धरती को मेरा प्रणाम By Skp divine

वीरों की धरती को मेरा प्रणामएक कहानी उन वीरों के नाम, जिन्होंने भारत को अपना सर्वस्व दियासुबह का समय था।आसमान पर हल्की लालिमा फैल रही थी। गाँव के छोटे से मैदान में तिरंगा हवा के सा...

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दान कहाँ और कितना देना चाहिए? By Nitya Oswal

इस काल में दान बहुत सोच-समझकर देने जैसा है। पहले के ज़माने में सच्चा धन आता था, इसलिए दान भी सच्चा दिया जाता था। आजकल आमदनी में गलत धन ज़्यादा आता है। ऐसे में लक्ष्मी का सदुपयोग हो...

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मेरे घर का रास्ता By Chandni choudhary

मेरे घर का रास्ताइस दुनिया में शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा, जो अपने घर का रास्ता भूल सके।बचपन में हम जिस जगह रहते हैं, वहाँ के रास्ते, गलियाँ और छोटी-छोटी पहचानें हमारे मन में इस तर...

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समर्पण By Gyaneshwar Anand Gyanesh

     आज के समय में शायद ही कोई ऐसा कार्यालय हो, जहाँ भ्रष्टाचार ने किसी न किसी रूप में अपनी जड़ें न जमा रखी हों। कहीं रिश्वत के रूप में, कहीं चापलूसी के रूप में और कहीं अपने लोगों...

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तिरंगे की शान By Vandna Sharma

तिरंगे की शान"  लघुकथा - वंदना शर्मा15 अगस्त का दिन था। सुबह से ही पूरे विद्यालय में उत्सव का माहौल था। सभी बच्चे उत्साह से विद्यालय प्रांगण में पंक्तिबद्ध खड़े थे। छात्राओं ने बाल...

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स्ट्रीट लाइट की रोशनी से IAS के पद तक: अंसार शेख की कहानी By Mohsinkhan Tunvar

रोशनी से IAS के पद तक: अंसार शेख की कहानीजब इरादे बुलंद हों और संकल्प मजबूत, तो गरीबी और अभाव भी आपकी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकते। इस बात को सच कर दिखाया महाराष्ट्र के जालना जिले...

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मेरा पहला घर By Chandni choudhary

मेरा पहला घरबचपन से ही विनीता के मन में एक प्रश्न बार-बार उठता था—"मेरा अपना घर आखिर है कहाँ?" यह प्रश्न केवल एक जिज्ञासा नहीं था, बल्कि उसके अस्तित्व से जुड़ा एक गहरा विचार था, जो...

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घर की राह By Vijay Erry

घर का राह लेखक: विजय शर्मा एरीशहर की चकाचौंध में खोया हुआ एक युवक था—अर्जुन। दिल्ली की ऊँची इमारतों, तेज़ ट्रैफिक और कभी न खत्म होने वाली भीड़ के बीच वह पिछले सात साल से जी रहा था।...

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अधूरी उड़ान - 2 By priyanshi bhuva

सीया फिरसे एक बार दुखी हो गयी, पर वो घर में क्लेश नही कॄीसी भी बात पर इसा नही चाहती थी। इसलिए वो hostel चली गयी।हॉस्टल में जाने के बाद भी कोरोना वायरस की बीमारी का खतरा तो था ही पर...

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असीमित पुण्य By Kushal K Pawar

बअसीमित पुण्यगुजरात की एक प्रसिद्ध रियासत में राजमाता मीलण देवी रहती थीं। वह भगवान के प्रति अत्यंत श्रद्धालु थीं और धर्म-कर्म में उनका विशेष विश्वास था। एक दिन उन्होंने निश्चय किया...

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मेरा घर By Vijay Erry

मेरा  घर  लेखक: विजय शर्मा एर्रीगाँव की धूल भरी पगडंडी पर चलते हुए जब मैंने पहली बार उस छोटे से मकान को देखा था, तब मेरी उम्र सिर्फ आठ साल थी। बाबा के हाथ में मेरा हाथ था, और अम्मा...

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सड़क किनारे की चाय By Chandni choudhary

सड़क किनारे की चाय— चाँदनी चौधरीकुछ समय पहले की बात है। मैं अपने कुछ प्रिय मित्रों के साथ एक यात्रा पर निकली थी। लंबा सफर तय करने के बाद हमने सड़क किनारे बनी एक छोटी-सी चाय की दुका...

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सपनों का बाज़ार, आरक्षण By Vedanta Life Agyat Agyani

सपनों का बाज़ार और आत्म-विस्मृति: कोचिंग से गुरु तक, मौलिकता की हत्या का धंधा   लेखक/शोधकर्ता: अज्ञात अज्ञानी (Agyat Agyani)     विषय: आधुनिक शिक्षा का व्यवसायीकरण, गुरु-संस्कृति क...

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स्कूल का पहला दिन By Vijay Erry

विजय शर्मा एरी   अजनाला, अमृतसर               स्कूल का पहला दिन       सुबह की पहली किरण जब खिड़की से अंदर घुसी, तो रोहन की आँखें पहले से ही खुली हुई थीं। उसने पूरी रात लगभग नहीं सो...

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आजादी By shrish sharma

आजादी - एक अधूरे खत की पूरी कहानीसन 1930 की बात है। बंगाल के एक छोटे से गाँव सोनापुर में एक लड़का रहता था - बिरजू। बिरजू की उम्र उस समय महज बारह साल थी। उसके पिता हरिराम काका गाँव...

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खेत का बैल By RAVINDRA

गाँव की मिट्टी में जब पहली बारिश की बूँदें गिरतीं, तो सबसे पहले जो आवाज़ सुनाई देती थी, वह थी हल की चरचराहट और बैलों के गले में बँधी घंटियों की टुनटुन। उन्हीं आवाज़ों में एक थी हीर...

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पीछे छूटा इंसान- भाग 2 By RAVINDRA

उस छोटे से, बदबूदार कमरे में पसरे सन्नाटे को फाड़ती हुई एक नीली रोशनी चमकी।​मेरे हाथ में थमा वह पाँच सौ रुपये का पुराना चाइनीज़ मोबाइल, जिसकी स्क्रीन पर मकड़ी के जाले की तरह दरारें...

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परदेस और पराई माटी By sukhvinder Singh Rai

पंजाब की सुनहरी धूप में चमकते वो पाँच एकड़ के खेत अब विक्रम की मलकियत नहीं रहे थे। आज सुबह ही तहसील में कांपते हाथों से अंगूठा लगाकर आए थे विक्रम। उनके हाथों की वो गहरी लकीरें उस म...

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छुट्टियों का आनंद By Vijay Erry

छुट्टियों का आनंद गर्मी की छुट्टियाँ शुरू होते ही स्कूल का माहौल पूरी तरह बदल गया था। आखिरी घंटी बजते ही बच्चे चीखते-चिल्लाते बाहर निकल पड़े। राहुल भी उनमें से एक था। कक्षा सात का...

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संकल्प मां का, आसमान बेटी का By Vandna Sharma

संकल्प मां का , आसमान बेटी का रीना शहर में पली-बढ़ी आधुनिक विचारों की संस्कारी लड़की थी। पढ़ी-लिखी, अपने पैरों पर खड़ी होने का सपना देखने वाली। पर किस्मत को कुछ और मंजूर था। किसी प...

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रानी का राजा किसी और के By Vandna Sharma

कहानी -रानी का राजा किसी और कासपने आंखों में सजाए सुमन अपने लिए डोली से उतरी तो आश्चर्य से खड़ी रह गई। किसी ने उसका स्वागत नहीं किया। सास तो अभी तक आई भी नहीं थी। सुमन की सास बबली...

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वक्त - किसका कैसा रहेगा, कौन जाने By kantilal Rathod Badamiya

⏳ वक्त — किसका कैसा रहेगा, कौन जाने ⏳“वक्त से जरूर डरना… क्योंकि वक्त कब किसको राजा बनाएगा और कब रंक, यह कोई नहीं जानता।”Author -Kantibhai Rathod Badamiya.━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ भाग...

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अमृत वाणी - संत वाणी - 26 By Nitya Oswal

संत श्रीसाईं बाबा की यह वाणी किसी भी जीव की भूख को शांत करने और अपनी क्षमता के अनुसार दान करने का सच्चा मार्ग समझाती है।“जो भूखा है उसे पहले भोजन दो, फिर मुझे भोग लगाओ।यदि तुम किसी...

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आरती का कैफे By Vandna Sharma

आरती का कैफेएक महाविद्यालय के खेल के मैदान में बहुत से छात्र एकत्र थे। मंच पर माइक पकड़े 24 वर्षीय युवा सोहन जोश से बोल रहा था। "मित्रो, आज हम सरकार से कोई मांग रखने या शिकायत करने...

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मंजिले - भाग 53 By Neeraj Sharma

बोध ------कहानी सगरहे की जबरदस्त कहानी मेरी पिरये सबसे जयादा.....   (    बोध ) वक़्त मे याद रखो महान नहीं बनना है... इंसान बनना है। जो किसी के काम आ सको... आलोचक नहीं, तुम कुछ नहीं...

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अधूरापन - 10 By Falguni Dost

अध्याय - 10गायत्री और मानस के बीच एक बार फिर प्यार का नया पुल बंध गया था। 'सब्र का फल मीठा होता है' की कहावत के अनुसार गायत्री ने सब्र रखा और उसे उसका मीठा फल चखने को मिल ह...

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कम्युनिकेशन स्किल्स By kantilal Rathod Badamiya

  कम्युनिकेशन स्किल्सबोलने की कला ही सफलता की सीढ़ी हैभाग – 1, 2 और 3️ लेखक : कान्तिभाई राठौड़ बदामिया भूमिकामनुष्य के जीवन में शब्दों की बहुत बड़ी भूमिका होती है।हम अपने विचारों क...

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भरोसा मत तोड़िए By kantilal Rathod Badamiya

️ भरोसा मत तोड़िए ️किसी के हिस्से की इंसानियत बचा लीजिएएक भावुक कहानी — ---️ भाग–1 : वह लड़का और उसकी छोटी-सी दुनियाशहर के पुराने हिस्से में एक छोटी-सी किराने की दुकान थी—“सद्भावना...

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जिसे मैं खरीद नहीं सका, उसने मुझे बहुत कुछ सिखा दिया By kantilal Rathod Badamiya

भाग — १पिताजी की दी हुई वह घड़ी…कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं, जिनकी कीमत दुकानदार तय करता है… लेकिन उनकी असली कीमत हमारे दिल में तय होती है।मेरे जीवन में भी एक ऐसी ही चीज़ थी—एक छोटी-सी...

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गुरु गोविंद सिंह का सचित्र जीवन - 6 By Sapna Badh

दादी नानकी जी दिन भर के बाल गोविन्द जी को पाकर उसे अपनी गोद में बिठाकर लाड प्यार करती रहती हर बच्चे की तरह बाल गोविन्द जी कहानी कथा सुनने का बड़ा चाव था।बाल गोविन्द जी अपनी दादी ना...

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रक्षा सूत्र By Vandna Sharma

लघु कथा- रक्षा-सूत्र लेखिका डॉ वंदना शर्मा आरव के स्कूल में आज "राखी बनाओ" गतिविधि हुई। रंग-बिरंगे धागों, मोतियों और कागज से उसने एक बहुत सुंदर राखी बनाई। अध्यापिका ने तारीफ भी की।...

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जहाज़ किनारे पर खड़े रहने के लिए नहीं बने होते By Madhavi Tripathi

सुरक्षा आराम देती है… लेकिन विकास आराम से बाहर होता है।समुद्र के किनारे खड़ा एक जहाज़ बहुत सुंदर लगता है।न लहरों का डर।न तूफ़ान का खतरा।न रास्ता भटकने की चिंता।सब कुछ सुरक्षित।सब क...

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दान किस तरह से देना चाहिए? By Nitya Oswal

यदि हमारे पास अतिरिक्त धन हो और हम उसे दान में देते है, तब भीतर कैसा भाव होना चाहिए, इसकी सुंदर समझ यहाँ मिलती है। साथ ही साथ यह भी ध्यान रखना चाहिए कि हम एक तरफ़ मंदिर या धार्मिक क...

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राहें - 19 By shiromani mathur

परमार्थडा. सिंह साहब के घर कोहराम मचा हुआ था। उनका मंझलाबेटा गगन सुबह-सुबह चल बसा था। सिंह साहब की पत्नी पछाड़खा खाकर रो रही थी। गगन की पत्नी श्रेया भी रोये जा रही थी,दो छोटे-छोटे...

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महाभारत हमें क्या सिखाता है? By Skp divine

महाभारत हमें क्या सिखाता है?— केवल युद्ध की कथा नहीं, जीवन का मार्गदर्शन हैमहाभारत का नाम लेते ही हमारे मन में कुरुक्षेत्र का युद्ध, पांडव और कौरव, श्रीकृष्ण, अर्जुन, द्रौपदी, भीष्...

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पुरानी ईमारत By Vijay Erry

पुरानी इमारतलेखक: विजय शर्मा एरीशहर के किनारे, जहाँ नई इमारतें आसमान छूने की होड़ में थीं, एक पुरानी इमारत खड़ी थी। तीन मंज़िला, पीली दीवारें जिन पर समय की परतों ने काला धब्बा जमा...

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वीचारों की जीत By Dayanand Jadhav

“जो विचार आपके मन में निराशा उत्पन्न करते हों, उन्हें तुरंत मन से बाहर निकाल देवें। और जो उत्साह बढ़ाने वाले विचार हों, उन्हें सदा अपने मन में रखें और उन्हीं के अनुसार आचरण करते रह...

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जब कलम जागी By Chandni choudhary

जब कलम जागी“श्वेता बेटा, जल्दी उठो। सुबह के नौ बज गए हैं और तुम अभी तक सो रही हो। जल्दी तैयार हो जाओ, आज हमें मंदिर जाना है।”रसोई से आती स्नेहभरी आवाज़ सुनकर श्वेता ने धीरे-धीरे आँ...

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संवेदना : स्त्री व पुरुष By Chandni choudhary

संवेदना : स्त्री व पुरुषभाग 1 : जन्म से पहले की संवेदनाजन्म से पहले ही एक माँ और पिता के मन में अपने आने वाले बच्चे के लिए संवेदनाएँ जन्म लेने लगती हैं। वे सोचते हैं कि उनका बच्चा...

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वीरों की धरती को मेरा प्रणाम By Skp divine

वीरों की धरती को मेरा प्रणामएक कहानी उन वीरों के नाम, जिन्होंने भारत को अपना सर्वस्व दियासुबह का समय था।आसमान पर हल्की लालिमा फैल रही थी। गाँव के छोटे से मैदान में तिरंगा हवा के सा...

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दान कहाँ और कितना देना चाहिए? By Nitya Oswal

इस काल में दान बहुत सोच-समझकर देने जैसा है। पहले के ज़माने में सच्चा धन आता था, इसलिए दान भी सच्चा दिया जाता था। आजकल आमदनी में गलत धन ज़्यादा आता है। ऐसे में लक्ष्मी का सदुपयोग हो...

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मेरे घर का रास्ता By Chandni choudhary

मेरे घर का रास्ताइस दुनिया में शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा, जो अपने घर का रास्ता भूल सके।बचपन में हम जिस जगह रहते हैं, वहाँ के रास्ते, गलियाँ और छोटी-छोटी पहचानें हमारे मन में इस तर...

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समर्पण By Gyaneshwar Anand Gyanesh

     आज के समय में शायद ही कोई ऐसा कार्यालय हो, जहाँ भ्रष्टाचार ने किसी न किसी रूप में अपनी जड़ें न जमा रखी हों। कहीं रिश्वत के रूप में, कहीं चापलूसी के रूप में और कहीं अपने लोगों...

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तिरंगे की शान By Vandna Sharma

तिरंगे की शान"  लघुकथा - वंदना शर्मा15 अगस्त का दिन था। सुबह से ही पूरे विद्यालय में उत्सव का माहौल था। सभी बच्चे उत्साह से विद्यालय प्रांगण में पंक्तिबद्ध खड़े थे। छात्राओं ने बाल...

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स्ट्रीट लाइट की रोशनी से IAS के पद तक: अंसार शेख की कहानी By Mohsinkhan Tunvar

रोशनी से IAS के पद तक: अंसार शेख की कहानीजब इरादे बुलंद हों और संकल्प मजबूत, तो गरीबी और अभाव भी आपकी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकते। इस बात को सच कर दिखाया महाराष्ट्र के जालना जिले...

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मेरा पहला घर By Chandni choudhary

मेरा पहला घरबचपन से ही विनीता के मन में एक प्रश्न बार-बार उठता था—"मेरा अपना घर आखिर है कहाँ?" यह प्रश्न केवल एक जिज्ञासा नहीं था, बल्कि उसके अस्तित्व से जुड़ा एक गहरा विचार था, जो...

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घर की राह By Vijay Erry

घर का राह लेखक: विजय शर्मा एरीशहर की चकाचौंध में खोया हुआ एक युवक था—अर्जुन। दिल्ली की ऊँची इमारतों, तेज़ ट्रैफिक और कभी न खत्म होने वाली भीड़ के बीच वह पिछले सात साल से जी रहा था।...

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अधूरी उड़ान - 2 By priyanshi bhuva

सीया फिरसे एक बार दुखी हो गयी, पर वो घर में क्लेश नही कॄीसी भी बात पर इसा नही चाहती थी। इसलिए वो hostel चली गयी।हॉस्टल में जाने के बाद भी कोरोना वायरस की बीमारी का खतरा तो था ही पर...

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असीमित पुण्य By Kushal K Pawar

बअसीमित पुण्यगुजरात की एक प्रसिद्ध रियासत में राजमाता मीलण देवी रहती थीं। वह भगवान के प्रति अत्यंत श्रद्धालु थीं और धर्म-कर्म में उनका विशेष विश्वास था। एक दिन उन्होंने निश्चय किया...

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मेरा घर By Vijay Erry

मेरा  घर  लेखक: विजय शर्मा एर्रीगाँव की धूल भरी पगडंडी पर चलते हुए जब मैंने पहली बार उस छोटे से मकान को देखा था, तब मेरी उम्र सिर्फ आठ साल थी। बाबा के हाथ में मेरा हाथ था, और अम्मा...

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सड़क किनारे की चाय By Chandni choudhary

सड़क किनारे की चाय— चाँदनी चौधरीकुछ समय पहले की बात है। मैं अपने कुछ प्रिय मित्रों के साथ एक यात्रा पर निकली थी। लंबा सफर तय करने के बाद हमने सड़क किनारे बनी एक छोटी-सी चाय की दुका...

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सपनों का बाज़ार, आरक्षण By Vedanta Life Agyat Agyani

सपनों का बाज़ार और आत्म-विस्मृति: कोचिंग से गुरु तक, मौलिकता की हत्या का धंधा   लेखक/शोधकर्ता: अज्ञात अज्ञानी (Agyat Agyani)     विषय: आधुनिक शिक्षा का व्यवसायीकरण, गुरु-संस्कृति क...

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स्कूल का पहला दिन By Vijay Erry

विजय शर्मा एरी   अजनाला, अमृतसर               स्कूल का पहला दिन       सुबह की पहली किरण जब खिड़की से अंदर घुसी, तो रोहन की आँखें पहले से ही खुली हुई थीं। उसने पूरी रात लगभग नहीं सो...

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आजादी By shrish sharma

आजादी - एक अधूरे खत की पूरी कहानीसन 1930 की बात है। बंगाल के एक छोटे से गाँव सोनापुर में एक लड़का रहता था - बिरजू। बिरजू की उम्र उस समय महज बारह साल थी। उसके पिता हरिराम काका गाँव...

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खेत का बैल By RAVINDRA

गाँव की मिट्टी में जब पहली बारिश की बूँदें गिरतीं, तो सबसे पहले जो आवाज़ सुनाई देती थी, वह थी हल की चरचराहट और बैलों के गले में बँधी घंटियों की टुनटुन। उन्हीं आवाज़ों में एक थी हीर...

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पीछे छूटा इंसान- भाग 2 By RAVINDRA

उस छोटे से, बदबूदार कमरे में पसरे सन्नाटे को फाड़ती हुई एक नीली रोशनी चमकी।​मेरे हाथ में थमा वह पाँच सौ रुपये का पुराना चाइनीज़ मोबाइल, जिसकी स्क्रीन पर मकड़ी के जाले की तरह दरारें...

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परदेस और पराई माटी By sukhvinder Singh Rai

पंजाब की सुनहरी धूप में चमकते वो पाँच एकड़ के खेत अब विक्रम की मलकियत नहीं रहे थे। आज सुबह ही तहसील में कांपते हाथों से अंगूठा लगाकर आए थे विक्रम। उनके हाथों की वो गहरी लकीरें उस म...

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