सलाह देना आसान है उनके लिए,
जिन्होंने कभी खुद कुछ झेला न हो,
वरना मुश्किलों से गुज़रने वाले तो,
दूसरों को हौसला दिया करते हैं।
संभल-संभलकर चलना हर किसी को नहीं आता,
चोट खाकर ही लोग रास्ते सीखा करते हैं।
धीरे-धीरे ढलती ज़िंदगी उन्हें सब सिखा देती है,
वरना न सीखने वाले तो बस ज़िंदगी काटने का दावा करते हैं।
कितना आसान होता है कह देना किसी से,
आसान हैं,सब ठीक हो जाएगा...
जिस पर गुज़री है कभी पूछो तो उससे,
कि इतनी आसानी से कैसे सब ठीक हो जाएगा?