यूँ ही नहीं
जीवन यूँ ही नहीं बीत जाता,
प्रेम यूँ ही नहीं हो जाता।
हृदय यूँ ही नहीं टूट जाता,
कोई यूँ ही विदा नहीं हो जाता।
हर राह यूँ ही नहीं छूट जाती,
हर मोड़ पर कोई यूँ ही नहीं मिल जाता।
एक लब्ज़ कहे बिना कोई यूँ ही नहीं समझ जाता,
हर रिश्ता यूँ ही हृदय में नहीं उतर जाता।
जो कहे बिना अलविदा हो जाए,
वह यूँ ही तो नहीं आता।
कुछ लोग जीवन में यूँ ही नहीं आते,
वे अपनी यादों की एक पूरी कहानी छोड़ जाते हैं।