“ तुझे पाने के कुछ बहाने ढूंढ रहा हु, तेरे पास आने के कुछ रास्ते ढूँढ रहा हु, चलती रहो पर तेरे पैर के निशान ढूंढ रहा हूं, मैं तेरे मेरे दिल की तार ढूंढ रहा हूं , तुझे तेरे घर की खिड़की से देखने की बाट देख रहा हूं , तुझे इन आँखो में सजाने का सपना देख रहा हूं
★ मैं तुझे किसी बहाने ढूँढ़ रहा हूँ ★
- shimbha Verma