आँखों में उम्मीदें पाले पलते जाना,
स्थिति चाहे जैसी भी हो ढलते जाना ।।
दुश्वारी तो सबके जीवन में आती है,
हर हालत में हिम्मत रखना ना घबराना ।।
वैसे तो सबका मालिक है ऊपर वाला,
फिर भी कोशिश हो सच्चा हो पानीदाना ।।
अपने दुख की गहराई अपने ही मापो,
दुनिया से सारी सच्चाई क्या बतलाना ।।
पत्थर होकर धीरे से मन को समझाओ,
फूलों में ही होता है खिलना मुरझाना ।।
@सर्वाधिकार सुरक्षित-डाॅ.विजय प्रताप शाही