हर पति एक जैसा नहीं होता, लेकिन कुछ पति ऐसे भी होते हैं जो अपनी पत्नी को हर जगह गलत साबित करने की कोशिश करते हैं।
चाहे पत्नी अपनी जगह पूरी तरह सही हो, फिर भी वे परिवार, रिश्तेदारों और समाज के सामने उसी की गलतियाँ गिनाते रहते हैं। इतना ही नहीं, अगर उनका किसी और से संबंध हो, तो उस रिश्ते को छिपाने के लिए भी पत्नी को ही दोषी ठहराते हैं।
वे कहते हैं, "तुम्हारे साथ मुझे कभी सुकून नहीं मिला... घर में हमेशा क्लेश रहता था... इसलिए मैं किसी और के पास चला गया।"
लेकिन सच यह है कि किसी रिश्ते में समस्या होना और किसी का विश्वास तोड़कर अफेयर करना, दोनों अलग बातें हैं। अपने फैसले की जिम्मेदारी लेने के बजाय जब कोई अपनी बेवफाई का ठीकरा हमेशा पत्नी के सिर फोड़ देता है, तो यह जिम्मेदारी से बचने और अपने व्यवहार को सही ठहराने की कोशिश होती है।
एक अच्छा जीवनसाथी अपनी गलतियों की जिम्मेदारी भी स्वीकार करता है। हर गलती का दोष केवल पत्नी पर डाल देना न तो न्याय है और न ही एक स्वस्थ रिश्ते की निशानी।