Hindi Quote in Story by Alka rahul Aggarwal

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दिल्ली शहर

दिल्ली के मशहूर बिजनेसमैन रूद्र प्रताप सिंह के मेंशन को आज खूबसूरती से सजाया जा रहा था क्योंकि आज रूद्र प्रताप सिंह की शादी थी। रूद्र प्रताप सिंह एक जाना माना बिजनेस मैन था। उसका कारोबार देश के साथ विदेश में भी फैला हुआ था।

रूद्र प्रताप सिंह दिखने में काफी हैंडसम था, उसके आंखों का रंग नीला था अगर कोई भी लड़की उसकी आंखों में देखे, तो उसे रूद्र से प्यार ही हो जाता था पर रूद्र ने आज तक किसी भी लड़की को नजर उठाकर नहीं देखा था। वो शादी भी नहीं करना चाहता था पर आज उसकी शादी हो रही थी।

वो अपनी मां अवंतिका प्रताप सिंह के बोलने से शादी कर रहा था। वो अपनी मां का कोई बात नहीं टालता था। आज सुबह से ही सिंह मेंशन में वीआईपी गेस्ट का आना शुरू हो चुका था। वही मीडिया वाले भी एक-एक चीज रिकॉर्ड कर रहे थे। सभी को इंतजार था रूद्र प्रताप सिंह की पत्नी का,, वही लड़कियां इस बात से जल रही थी कि रुद्र प्रताप सिंह उसके क्यों नहीं हो पाए।

वही एक लड़की सिंह मेंशन के कमरे में बैठी थी और लगातार चक्कर काट रही थी, उसकी नजर बार-बार दरवाजे पर ही जा रही थी। उस लड़की का नाम नव्या था। उसकी शादी रूद्र प्रताप सिंह से होने वाली थी तभी एक लड़का कमरे के अंदर आता है और उसके साथ एक और लड़की थी। वो लड़का जल्दी से कमरे का दरवाजा बंद करता है और नव्या के गले लग जाता है।

नव्या -"विक्की तुम कहां थे ,मैं कबसे तुम्हारा इंतजार कर रही थी,, 4 बार मुझसे पूछ लिया गया है कि मैं बाहर कब आऊंगी,, मैं बहाना करके कमरे में बैठी हुई हूं अब अगर मैं यहां 2 मिनट भी रुकी ना, तो रूद्र खुद आ जाएगा मुझे लेने और अगर वो आ गया ना ,तो मुझे जाना ही पड़ेगा,, मुझे उससे शादी नहीं करनी है।"

विक्की -"जानता हूं,तुम चिंता मत करो तुम्हारी शादी सिर्फ मुझसे ही होगी और देखो मैं किसे लाया हूं।"

नव्या विक्की के बगल में खड़ी लड़की की तरफ देखती है,वो लड़की उसकी बेस्ट फ्रेंड श्रेया थी।

नव्या श्रेया से बोलती है -"श्रेया तू ?"

श्रेया -"हां नव्या बात करने का ज्यादा समय नहीं है ,तू एक काम कर तू अपने कपड़े मुझे दे और मेरे कपड़े तू पहन ले।"

नव्या-" पर तू शादी के जोड़ा कैसे पहन सकती है?"

श्रेया-" देख ज्यादा मत सोच ,मैं कौन सा रुद्र से शादी करने वाली हूं ,मैं बस कुछ देर के लिए ही ये शादी का जोड़ा पहनकर बैठूंगी तब तक तू और विक्की इस मेंशन से बाहर निकल जाना ,उसके बाद मैं भी जल्दी से चेंज करके यहां से निकल जाऊंगी।"

विक्की-"हा ये अच्छा आईडिया है, नव्या मैं बाहर वेट कर रहा हूं ,जल्दी से तुम दोनों अपने अपने कपड़े बदल लो।"

इतना बोलकर विक्की कमरे से बाहर चला जाता है। श्रेया दरवाजा लगा देती है और नव्या को अपने कपड़े दे देती है। नव्या भी उसे शादी का जोड़ा निकालकर दे देती है। दोनों जल्दी से कपड़े पहन लेती है।

नव्या फिर उसके गले लगकर बोलती है-" थैंक यू मेरी मदद करने के लिए।"

श्रेया-" पागल है क्या बेस्ट फ्रेंड को थैंक्स बोलती है ,अब जा जल्दी इससे पहले कोई देख ले।"

नव्या जल्दी से कमरे का दरवाजा खोलकर विक्की के साथ निकल जाती है। उसके बाहर जाते ही श्रेया भी शादी का जोड़ा खोलने लगती है तभी दरवाजे पर दस्तक होती है।

श्रेया आवज सुनकर जल्दी से घुंघट से अपना चेहरा ढक लेती है और आवाज बदलकर बोलती है -"कौन है?"

बाहर से आवाज आती है -"मैडम रूद्र सर आपको बुला रहे हैं, शादी का मुहूर्त हो गया है, सारे गेस्ट आ चुके हैं।"

श्रेया-" मुझे 5 मिनट और लगेगा।"

औरत -"मैडम अब मैं 2 मिनट भी नहीं रुक सकती और सर ने कहा है कि आपको अभी इसी वक्त लेकर आए।"

श्रेया -"मैंने कहा ना मैं 5 मिनट में आ रही हूं,जाओ यहां से।"

वो औरत ये सुनकर वहां से चली जाती है। श्रेया फिर से कपड़े खोलने लगती है तभी एक तेज झटके के साथ दरवाजा खुल जाता है। श्रेया ऐसे अचानक दरवाजा खुलने से बुरी तरह घबरा जाती है। वो फिर जल्दी से अपना चेहरा ढक लेती है।

रुद्र गुस्से में अंदर आते हुये बोलता है-" कबसे 5 मिनट 5 मिनट सुन रहा हूं, चलो शादी का मुहूर्त निकल रहा है।"

श्रेया उसे कोई जवाब देती तब तक रुद्र उसका हाथ पकड़कर उसे जबरदस्ती खींचता हुआ कमरे से बाहर ले जाता है।

श्रेया हॉल में आ चुकी थी। वहां सारे गेस्ट और मीडिया की नजर उसके ऊपर ही थी पर कोई भी उसका चेहरा नहीं देख पा रहा था।

अवंतिका मुस्कुराकर बोलती है-"ये है रुद्र की होने वाली पत्नी,,, रूद्र जाओ अब तुम दोनों जल्दी से मंडप मे बैठो ,,बहुत लेट हो चुका है।"

रुद्र अवंतिका की बात सुनकर सर हिलाकर बोलता है-" जी मां।"

वो फिर श्रेया का हाथ पकड़कर मंडप की तरफ ले जाने लगता है पर श्रेया के पैर कांप रहे थे, उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या करें,, उसके कदम आगे बढ़ ही नहीं रहे थे।

रूद्र उसकी तरफ देखकर धीरे से गुस्से में बोलता है-" क्या तमाशा कर रही हो तुम।"

श्रेया धीरे से बोलती है-"देखिए आप मुझे गलत समझ रहे हैं।"

रुद्र-" मतलब,,, क्या गलत है और क्या सही ये शादी के बाद डिसाइड करेंगे हम,, चलो अब।"

इतना बोलकर वो उसका हाथ और कसकर पकड़ लेता है और उसे मंडप पर ले जाकर बैठा देता है। वो भी फिर उसके बगल में जाकर बैठ जाता है। थोड़ी ही देर में शादी की रस्में शुरू हो जाती है।

श्रेया धीरे से बोलती है-" रूद्र जी मेरी बात तो सुनिये।"

रूद्र-"जस्ट शटअप,, चुप चाप से बैठी रहो और ये बार-बार बीच में बोलना बंद करो।"

श्रेया फिर खामोश हो जाती है। थोड़ी देर के बाद दोनों फिर फेरों के लिए खड़े होते हैं। फेर होने के बाद दोनों वापस मंडप में बैठ जाते हैं। रूद्र फिर श्रेया की मांग भरता है और उसे मंगलसूत्र पहना देता है।

पंडित जी अवंतिका से बोलते हैं‐" शादी संपन्न हुई।"

अवंतिका पंडित जी की बात सुनकर मुस्कुरा देती है। वो फिर रुद्र और श्रेया के सर पर नोटों की गड्डी घूमाती है और एक नौकरानी को पैसे देते हुए बोलती है-" सारे गरीबों में बांट दो।"

नौकरानी वहां से चली जाती है तभी एक मीडिया वाला अवंतिका से बोलता है-" मैडम अपनी बहू की चेहरा तो दिखाइए ,हम सब बहुत देर से रुद्र सर की पत्नी का चेहरा देखना चाहते हैं।"

अवंतिका-" हां बिल्कुल।"

अवंतिका श्रेया के पास आती है और उसका घुंघट उठाने लगती है। श्रेया की घबराहट बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। वो अपने कपड़े को अपनी मुट्ठी से कसकर टाइट पकड़ लेती है।

अवंतिका जैसे ही उसका घुंघट उठाती है,तो वो बुरी तरह चौक जाती है। वही रूद्र भी श्रेया का चेहरा देखने लगता है। गोरा चेहरा ,दो बड़ी आंखें, माथे पर एक छोटी सी बिंदी, बालों का एक लट श्रेया के गालो को छू रहा था, होठों पर गुलाबी लिपस्टिक,वो दुल्हन के जोड़े में बहुत ज्यादा खूबसूरत लग रही थी,,ऐसा लग रहा था जैसे आसमान से कोई परी उतरकर आ गई हो।

ये है मेरी कहानी का पहला भाग।
आपको कैसा लगा कमेंट करके जरूर बताइएगा।

🙏जय श्री गणेश🙏 isko comics video bnani

Hindi Story by Alka rahul Aggarwal : 112029067
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