बुंदेली दोहा प्रतियोगिता -268
दोहा दिवस दिनांक-16.5.2026
प्रदत्त शब्द #अनयाव (अन्याय)
प्राप्त प्रविष्ठियां:-
1
मचा हुआ अन्याव है,अब तो चारों ओर।
कोई कुछ नइं कर रहा,मचा रहे बस शोर।।
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- वीरेन्द्र चंसौरिया टीकमगढ़
2
हड़प रहे जांगा जमीं,करबैं निसदिन घात।
अनयाव राजई करें,कितै जोरबैं हात।।
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-प्रदीप खरे 'मंजुल',टीकमगढ़
3
गय अतीक अनयाव कर , मर गय दुबें विकास ।
किलन चेंपला मूँत रय,देखो होगइँ नाश।।
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-प्रमोद मिश्रा बल्देवगढ़
4
बड़े बड़े न्यालय बने, सिस्टम बड़ौ बनाव।
न्याव मिलो ना वक़्त पै, जौइ बड़ौ अनयाव।।
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-अरविन्द श्रीवास्तव,भोपाल
5
छल अनीत अनयाव जे, औगुन के सब नाम।
कीरत माटी में मिलत, बुरै देत अंजाम ।।
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-विद्या चौहान, फरीदाबाद
6
करौ काउ के संग में, जीनें भी अन्याव।
विपदा भोगी ओइ नें, करनी कौ फल पाव।।
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- अंजनी कुमार चतुर्वेदी निबाड़ी
7
जब-जब असुरन नें करो, धरती पै अनयाव।
विविध रूप धर विस्नु नें,उनकौ मान घटाव।।
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-गोकुल प्रसाद यादव, नन्हींटेहरी
8
सहो बिभीसन भाइ को, जब खूबइ अनयाव।
सरन गही सिरि राम की, कुल को नास कराव।।
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-तरुणा खरे'तनु' जबलपुर
9
जीत रई नित न्याय की , हारत रय अनयाव।
सौ भाई सोए समर, कौरव के कुनयाव।।
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-आचार्य रामलाल द्विवेदी प्राणेश,चित्रकूट
10
कभउॅ॑ किसी के स॑ग मे॑,करियौ नै अन्याव।
साजौ कोई ना बनै॑,बुरव न रखियौ ख्वाब ।।
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-शोभारामदाॅ॑गी"इ॑दु,न॑दनवारा
11
जब तक जा धरती रहो,करियो मत अन्याव।
मूरत भूले सें कभी,बुरो न होय तुमाव।।
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-मूरत सिंह यादव दतिया
12
मार -मार भाँनेज सब, कंश करौ अन्याव।
किशन जन्म लै जेल में ,मम्में मार गिराव।।
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-एस आर 'सरल',टीकमगढ़
13
रचो चक्रव्यू द्रोण ने, भओ बड़ो अनयाव।
अभिमन्यू से शूर खों,जुर मिल मार गिराव।।
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-आशा रिछारिया,निवाड़ी
14
राजा होके जो करत,जनता पै अनयाव।
रैयत ऊँकी जान लो, देत न ऊखों भाव।।
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-सुभाष सिंघई, जतारा
© संयोजक राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
आयोजक जय बुंदेली साहित्य समूह टीकमगढ़