अब तुम आना ही मत... क्योंकि अब मैं सीख गई अकेले चलना , अब में सीख गई सकरी गलियों को लांघना, अब मैं सीख गई मौन रहना, और मैं सीख गई हर वो काम जिसको सिखाया जाता प्रेम से अपने पन से और वात्सल्य से,, मैं सीख गई वो सब गर्म आंसुओं के ताप से,
अब तुम आना ही मत खो जाना गुम हो जाना या कहीं रह जाना अब तुम आना मत..
@shivaninany