किसी ने मुझे याद दिलाया कि मैंने आखिर वर्दी क्यों नहीं पहनी…
पर सच यह है कि वर्दी मेरे शरीर पर हो या न हो, उसकी आग मेरे भीतर हमेशा जिंदा रहेगी।
वो सिर्फ एक वर्दी नहीं है… वो मेरी रूह है।
और रूह कभी अपने शरीर से अलग नहीं होती।
वर्दी मेरे लिए एक पहचान नहीं, एक एहसास है—
जो दिल में बसता है, और हर सांस के साथ जिंदा रहता है। 👑✨