जी हां मैं हूं कलयुग की नारी......
स्कूटी चलाने पर पापा की परी बन जाती हूं
मेकअप करने पर हीरोइन बन जाती हूं
अपनी राय देने पर ज्ञान की देवी बन जाती हूं
सिंपल रहने पर बहनजी बन जाती हूं
चुप रहने पर गूंगी बन जाती हूं
बात करने पर चालक बन जाती हूं
बाएं ओर का इंडीकेटर देकर दाएं की मूड जाने पर ahh वूमेन बन जाती हूं
अपनी मनपसंद जिंदगी जीने पर बतमीज बन जाती हूं
चमड़ी काली होने पर काली माता बन जाती हूं
हा में कलयुग की नारी सब पर भारी बन जाती हूं।।
✍️ अंतिमा 😊