औरत कमजोर नहीं होती,
बस चुप रहना जानती है।
हर दर्द को मुस्कान में छुपाकर,
खुद ही खुद को संभालती है।
वो टूटती भी है, बिखरती भी है,
पर हर बार फिर उठ जाती है।
दुनिया उसे आँकती रहती है,
और वो खुद को साबित कर जाती है।
वो सिर्फ औरत नहीं…
पूरी कहानी होती है।