*इंसान अपना वो चेहरा तो*
*खूब सजाता है , जिस पर*
*लोगों की नज़र होती है*

*मगर आत्मा को सजाने की*
*कोशिश कोई नही करता*,
*जिस पर परमात्मा की नजर होती हैं*

*सुप्रभात*

Gujarati Quotes by Nistha : 947
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