कभी-कभी इंसान किसी रिश्ते में अचानक कठोर,शांत और दूर इसलिए नहीं हो जाता कि उसके भीतर भावनाएँ खत्म हो गई हैं बल्कि इसलिए कि बहुत कुछ महसूस करते-करते वह भीतर से थक चुका होता है कुछ बातें कहने से डर लगता है,कुछ समझाने से कोई फायदा नहीं दिखता और कुछ दर्द ऐसे होते हैं जिन्हें बार-बार शब्द देना भी मुश्किल हो जाता है फिर इंसान बहस नहीं करता, शिकायत नहीं करता बस चुप हो जाता है...!