मैं कोई स्वेच्छाचारी समाज की शिक्षा नहीं दे रहा हूं।
🔹मैं निश्चित ही चाहता हूं कि तुम वासना से मुक्त हो जाओ।
🔸लेकिन वासना से तुम मुक्त हो ही तब सकोगे,
जब तुम वासना के प्रति सारा दुर्भाव छोड़ दो, निंदा छोड़ दो।
तुम वासना से मैत्री साधो।
क्योंकि वासना तुम्हारी है, तुम वासना हो।