इतना तो भगवान पर भी भरोसा नहीं,जितना मुझे अपनी मम्मी पर है,यकीनन उनके जज्बे के आगे तो बस बुरे दौर की सिर्फ हार ही होती है।
मेरी जिंदगी में,उनके जैसा ना तो कोई है और ना कभी हो सकता,मैंने उनकी जिंदगी सिर्फ ज़िम्मेदारियों में उलझी हुई देखी,जबकि उनने खुद से आज तक कभी शिकायत नहीं करी।