चाय
चल पुराने दिनों में चलते है
एक सुकून भरी चाय पीते हैं
चल कही पर चल के बैठते है
एक सुकून भरी चाय पीते है
चल कही पहाड़ पर चलते है
एक सुकून भरी चाय पीते
चल थोड़ा जमीन से जुड़ते है
एक सुकून भरी चाय पीते हैं
चल कही चलके सच्ची बात करते है
एक सुकून भरी चाय पीते हैं
चल थोड़ा अंधेरे से निकलते है
एक सुकून भरी चाय पीते है
चल थोड़ा उजाले की बात करते है
एक सुकून भरी चाय पीते हैं
चल दुनिया के झमेले से निकलते है
एक सुकून भरी चाय पीते हैं
चल थोड़ी उम्मीद के बात करते है
एक सुकून भरी चाय पीते हैं
चल फिर मंदिर में चलते है
मीरा के भजन सुनते है
बहुत भटक लिए दुनिया में
चल अंतर में खुद से मिलते है