रिश्ता चाहे कितना भी टूट चुका हो, चाहे कितनी भी शिकायतें हों, एक वक़्त पर वही इंसान हमारी ज़िंदगी का हिस्सा रहा होता है।
इसलिए छोड़ते वक़्त सिर्फ़ रिश्ता नहीं छूटता. उसके साथ बहुत कुछ छूटता है-आदतें, बातें, उम्मीदें और वो इंसान भी, जो कभी हमारे लिए बहुत मायने रखता था।