गरीब ही गरीब क्यों है भाई
यह बात तुमको किसी ने क्यों नहीं बताई
यह बीमारी नहीं है , है कमी।
है बात जिसको जो यह समझ में आई।
इल्म ने ही है इसको फतह दिलाई।
तो गरीब ही गरीब क्यों है भाई
यह बात तुमको किसी ने क्यों नहीं बताई
आस्था की आर में इसकी सगाई।
अंधभक्त है इसकी लुगाई।
है कहां इसकी ,अमीरी से लड़ाई।