इंसान जब कुछ ऐसा चुनता हैं जो हकीकत ना होकर भी उसकी जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चुका होता है, तब वो बहुत कुछ पहले ही छोड़ चुका होता हैं...यहां तक की कुछ पाने या हासिल करने की इच्छा तक त्याग चुका होता है।
Inshort ~
"ये दुनिया एक पागलखाना है और हम सब यहां के कैदी...!"