चमकते चाँद सा तेरा चेहरा दिखता है,
हर लम्हा बस तेरा ही ज़िक्र करता है।
तेरे ख़यालों में जो खो जाती हूँ मैं,
जैसे गुम होकर भी खुद को पाती हूँ मैं।
तेरी हँसी में छुपा एक जादू सा लगता है,
दिल को हर बार तेरा साथ सच्चा लगता है।
तेरी आवाज़ जैसे साज़ की सरगम हो,
तेरा हर लफ़्ज़ जैसे कोई मधुर नग़मा हो।
तेरी आँखों का वो मासूम सा अफ़साना,
जिसे पढ़ने में लगता है,हर दिन सुहाना।
तेरी बातों में जो मीठापन छुपा है,
जैसे बंजर ज़मीन पर सावन आ गिरा है।
तेरे बिना हर सुबह अधूरी सी लगे,
जैसे बिन धूप के दोपहर जले।
अब तो हर पल तुझसे ही जुड़ा सा लगे,
अब तो तेरा नाम हर दुआ में रटा सा लगे।
ना जाने ये कैसा असर है तेरा,
कि हर ख़ामोशी में भी सुनाई दे ज़िक्र तेरा।
तू पास हो तो हर मौसम सुहाना लगे,
तू दूर हो तो दिल भी बेगाना सा लगे।
बस इतनी सी ख़्वाहिश है इस दिल की,
हर दुआ के बाद बस तेरा ही नाम आए,
और जब कभी ज़िंदगी मुस्कुराए,
उस मुस्कुराहट में थोड़ा सा तू भी नज़र आए। 🌙
~ Adya