इन आँखों में जाने कैसी बात रहती है,
ख़ामोशी में भी एक मुलाक़ात रहती है।
जो लफ़्ज़ कभी होंठों तक आ नहीं पाते,
वो आँखों से अक्सर बयान हो जाते।
कभी इनमें ख़्वाबों की रौशनी दिखती है,
कभी छुपी हुई कोई कमी दिखती है।
चेहरा तो बस एक कहानी कहता है जनाब,
असली राज़ तो आँखों में रहता है। 👀✨
~ आद्या