ये कविता तो नहीं लेकिन शायरी है उम्मीद है आपको पसंद आएगी 🥀
हम अगर तेरी तस्वीर बनाने लग जाएँ, तो सारे आशिक़ अपने छुपे ग़म दिखाने लग जाएँ।
इतनी बारीकी से मैंने तेरी तस्वीर बनाई है, न जाने कितनी रातें मैंने तेरी यादों में बिताई हैं।
मेरी आँखों की चमक और दिल का सुकून थी तू, मेरी आँखों की चमक, दिल का सुकून थी तू।
मेरे दिल से पूछ, कैसे मैंने इस बेजान तस्वीर से अपने दिल की आग बुझाई है। 🥀❤️🩹