इन दिनों गुज़रे हालात ने एक बात समझा दी
इस दुनिया में कुछ भी शाश्वत नहीं है,
सिवाय मृत्यु के।
एक दिन पद, प्रतिष्ठा, सत्ता, अहंकार,
ईर्ष्या और वो काम भी यहीं रह जाएगा
जिसे हम पूरी ज़िंदगी समझ बैठे थे।
अंत में साथ जाएंगे तो सिर्फ़ हमारे कर्म
और लोगों के दिलों में छोड़ी हुई हमारी छाप।
इसलिए जब तक जीवन है,
कुछ ऐसा कर जाएँ
जिसे मृत्यु भी हमसे न छीन सके।