पुरानी गर्लफ्रेंड
अरसे बाद मिलि थी मुझे अचानक बाजार में
हम भी थे अपनी पत्नी के साथ भीड़भाड़ में
मेरे सामने से गुजरी थी वो अनजान बनकर
सोचता रहा था मैं उसकी ये हालात देखकर
वो पोपकोर्न ले रही थी अपनी बच्ची के लिये
चेहरा उतरा हुआ था और थोडी मोटी हो गयी थी
कभी हम भी साथ चले थे उसका हाथ पकड़कर
पर उसने मेरा हाथ छोड़ा था कभी गरीब समझकर
उसे कैसे भूल सकता हूं मैं , वो पहला प्यार था मेरा
उन्हें पछतावा होगा पर पछतावा अब किस काम का
किसी बेहतर की तलास में निकली थी हमें छोड़कर
उसका पति सामने ही बैठा था,बाजार में ठेला लगाकर