अचानक से खालीपन लगता है बेचैनी होती है कि किसी से बात करने,बैठने, सोने या रोने का कुछ का भी मन नहीं करता पर कुछ कमी खलती है एक अधूरापन...
असल में वो सब होता है क्योंकि हम दूसरों में कुछ ख़ोज रहे होते हैं जबकि हमें चाहिए हम,खुद से बात करो,वो जो तुम ढूंढ रहे हो वो हो तुम...