# 🌙 रात की गहराई
रात की गहराई में जब,
चाँद भी चुप हो जाता है,
खामोश आसमान के नीचे,
दिल खुद से बातें करता है।
कुछ सपने आँखों में होते हैं,
कुछ आँसू पलकों पर ठहरते हैं,
कुछ अधूरी सी बातें होती हैं,
जो रात के साथ ही बिखरते हैं।
अँधेरा चाहे कितना गहरा हो,
सुबह को रोक नहीं सकता,
टूटा हुआ इंसान भी एक दिन,
फिर से मुस्कुरा सकता।
तारों से पूछो उस रात का दर्द,
जो अकेले चमकते रहते हैं,
दुनिया सो जाती है जब,
तब भी वे उम्मीद कहते रहते हैं।
रात सिखाती है धीरे-धीरे—
हर खामोशी का अर्थ होता है,
हर आँसू के बाद कहीं,
एक नया सवेरा जन्म लेता है।
इसलिए ऐ दिल, तू डरना मत,
अँधेरों में भी चलते रहना,
रात चाहे जितनी गहरी हो,
अपने सपनों के दीप जलाते रहना। 🌙✨