लोग कहते हैं ना की मनुष्य का जन्म सबसे अच्छा है बात सही भी है लेकिन एक आम इंसान को कितनी टेंशन होती है ना पढ़ाई फ्यूचर करियर बढ़ती उम्र बीमारियां रिश्ते इतने सारे झंझट लोग भविष्य के बारे में सोचते रहते हैं और इस चक्कर में वर्तमान में जीना भूल जाते हैं क्योंकि बचपन से सिखाया यही जाता है कि भविष्य की चिंता करो भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए जो भी कर सको करो और फिर एक दिन अचानक कुछ ऐसा हो जाता है जो कभी प्लान किया या सोचा था ही नहीं एक इंसान के जीवन में इतने झंझट है ना जितने शायद किसी और के नहीं है आजकल तो बच्चों का बचपन भी किसी रेस की तरह हो गया है ऐसा लगता है बच्चों में भी अब वह मासूमियत नहीं रही वह भोलापन नहीं रहा दुनिया बहुत तेजी से बदलती जा रही है और हर बदलता दिन एक नई चुनौती होता है और हर बार एक नई चुनौती के लिए इंसान खुद को कैसे तैयार करता है यही उसकी असली परीक्षा होती है हर इंसान अपनी जिंदगी में किसी न किसी मुश्किल या परिस्थिति से लड़ ही रहा होता है बस हर एक इंसान की किस्मत और कहानी अलग होती है किसी को जो चीज बहुत आसानी से मिल गई वही किसी दूसरे इंसान के लिए सपना हो सकती है जैसे ट्रैफिक सिग्नल पर भीख मांगते हुए कुछ बच्चे आज भी इस देश की सच्चाई है लेकिन वहीं दूसरी और कुछ बच्चे ऐसे भी हैं जो बड़े-बड़े स्कूलों में जाते हैं अच्छी इंग्लिश बोलते हैं कोई ऐसी फैमिली जो एक डिनर पर हजारों रुपए खर्च कर सकती हैं और कोई ऐसा परिवार जिसके पास दो वक्त का खाना भी नहीं होता अब अब सवाल का जवाब आपके ऊपर है चाहे तो इसे किस्मत का सकते हैं या फिर सामाजिक का असमानता पर बात अभी वही है की चुनौतियां हर इंसान के जीवन में होती है किसी अमीर बिजनेसमैन के भी जीवन में चुनौतियां हैं और किसी ऐसे इंसान की जिंदगी में भी चुनौतियां है जिसे रोज कमा कर खाना पड़ता है