बेहतर है अब हाल अपना
किसी से कुछ नही मलाल अपना
जवाब वही है भुला दिया है तुमको
मत दोहराना फिर कभी ये सवाल अपना
एक दीये की रौशनी ही बहुत है मेरे लिए
मत उठा हिजाब, रहने दे ये जमाल अपना
ना जाने क्या रंज हुआ सबको मुस्कुराने पे मेरे
सबने कर लिया है तर रुमाल अपना
लूटकर ले गये रास्ते के लुटरें मुझको
तेरी तस्वीर ले गये छोड़कर सारा माल अपना
सब परिन्दे उड गये ताली पे हमारी
सय्याद बेजार चल दिया समेटकर जाल अपना