कंगन — एक खनकती हुई कहानी
A Poem of Love, Memories & Life
कलाई में सजा वो छोटा-सा कंगन,
देखने में बस एक गहना था,
पर उसके भीतर छुपी थी
एक पूरी जिंदगी की कहानी।
“ये कंगन तुम्हारे हाथों में बहुत सुंदर लगेगा…”
कभी किसी ने मुस्कुराकर कहा था,
और उस एक वाक्य ने
उसके दिल में एक संसार बसा दिया था।
कंगन की वो हल्की-सी खनक,
जैसे बीते दिनों की कोई आवाज़,
कभी हँसी बनकर लौटती है,
कभी आँखों में बन जाती है बरसात।
ହାତରେ ପିନ୍ଧିଥିବା ସେ କଙ୍କଣ,
କେବଳ ଏକ ଅଳଙ୍କାର ନୁହେଁ,
ସେ ଥିଲା ମୋ ଜୀବନର
ଏକ ଅମୂଲ୍ୟ ସ୍ମୃତି।
उस कंगन में
माँ की दुआ थी,
पिता का विश्वास था,
और किसी अपने के हाथों का
वो स्नेह था
जिसे समय भी मिटा नहीं पाया।
Sometimes,
we lose people,
we lose relationships,
we lose the moments
we once thought would stay forever.
But memories?
Memories never leave.
वे किसी पुराने गीत की तरह
अचानक लौट आती हैं,
और दिल से पूछती हैं—
“क्या तुमने मुझे भुला दिया?”
कंगन फिर खनकता है…
और दिल चुप हो जाता है।
“ତୁମେ ନାହଁ,
କିନ୍ତୁ ତୁମ ସ୍ମୃତି ଅଛି।
ତୁମ ହସ ନାହିଁ,
କିନ୍ତୁ ସେଇ ହସର ପ୍ରତିଧ୍ୱନି
ଆଜି ମଧ୍ୟ ମୋ ହୃଦୟରେ ଅଛି।”
कभी लगता है
कंगन पूछ रहा है—
“कहाँ गया वो समय?”
कहाँ गई वो शाम
जब चाँद भी हमारे साथ बैठा था?
कहाँ गई वो हँसी
जो बिना किसी वजह के
घंटों तक चलती थी?
Where did those promises go?
“हमेशा साथ रहेंगे…”
कितना छोटा था वो शब्द—
हमेशा।
और कितना बड़ा था
उसका अर्थ।
समय ने रास्ते बदल दिए,
लोग बदल गए,
कहानियाँ बदल गईं,
लेकिन कलाई में बंधा
वो कंगन नहीं बदला।
उसकी खनक आज भी कहती है—
“Don't cry…
Some bonds are not meant to end.”
कुछ रिश्ते
नाम के बिना भी जीवित रहते हैं,
कुछ प्रेम
मिलन के बिना भी पूर्ण होते हैं,
और कुछ यादें
दूरी के बावजूद
दिल के सबसे करीब रहती हैं।
ଯେଉଁ ସମ୍ପର୍କ ସତ୍ୟ,
ସେ କେବେ ଦୂର ହୁଏ ନାହିଁ।
ଦୂରତା କେବଳ ଶରୀରକୁ ଅଲଗା କରେ,
ହୃଦୟକୁ ନୁହେଁ।
आज जब वह कंगन पहनती है,
तो आईने में सिर्फ अपना चेहरा नहीं देखती,
वह देखती है—
अपना बचपन,
अपना प्यार,
अपनी माँ की ममता,
अपने सपने,
और उन लोगों की तस्वीर
जो अब उसके साथ नहीं हैं।
कंगन की हर खनक
एक कविता बन जाती है,
हर चमक
एक याद बन जाती है,
और हर घेरा
उसे याद दिलाता है—
Life is a circle.
What leaves us
sometimes returns
as a beautiful memory.
इसलिए अब वह उदास नहीं होती।
वह कंगन को छूकर मुस्कुराती है और कहती है—
“तुम सिर्फ मेरे हाथ की शोभा नहीं,
मेरे दिल की कहानी हो।”
“ତୁମେ ମୋ ହାତର କଙ୍କଣ ନୁହଁ,
ତୁମେ ମୋ ଜୀବନର ଖନକ।”
और फिर…
कंगन धीरे से खनकता है।
जैसे कोई दूर से कह रहा हो—
“I am still here…
inside your heart.”