सोचता हूं ये आख़िरी इंतेज़ार होगा,ये आख़िरी आँखें होंगी जो सूख जाएंगी तुम्हें देखने को,ये आख़िरी हाथ जो फूल थामे खड़े रहेंगे चौराहे पर,डरता हूं इस आख़िरी के बाद भी तुम नहीं आई तो?मुझे तो जाना भी नहीं आता,डरता हूं तुम देर कर दोगी और मैं भूल चुका हूंगा कि आख़िर में तुम्हें आना था..