दुनिया में एक ही ऐसा रिश्ता होता है जो बिना देखे बिना जाने बन जाता है निस्वार्थ भाव से और ये रिश्ता होता है एक मां का
मां ........ये एक शब्द नहीं है ये एक ताकत है
जीने का सहारा है उम्मीद है और हौसला है
एक औरत हर रिश्ते से हार सकती हैं । लेकिन वो
एक ही रिश्ते से जीत सकती है वो है उसका बच्चा।
ये एक रिश्ता जीने के लिए वो सालों साल मरती हैं
उसकी सारे दुःख खत्म हो जाते है जब वो अपने बच्चेको गोद म लेती है
इस रिश्ते को शब्दों मे लिख पाना बहुत मुश्किल है
क्योंकि ये सिर्फ वही समझ सकता है जो इस रिश्ते को जिया हो ।