पता ढूंढ रहे हैं,
इस उम्मीद पर कि उस पते पर खोई हुई पतवार मिल जाए।
पत्ता-पत्ता देखा, पत्ता-पत्ता पूछा,
सब कुछ बताने वाले को भी इस पते का नहीं है कुछ पता।
मिल जाए ये पता, तो पता है उन पत्तों से क्या है कहना,
तेरी पत्तियों में धूल भी बैठे,
तो उस धूल से तेरा पता चल जाए।