नीम करोली बाबा पर फ़िल्म से ‘जय संतोषी माँ’ फ़िल्म का क़िस्सा याद आया। यह फ़िल्म शोले के साथ-साथ ही रीलीज हुई थी, तो इसे देखने कौन जाता? पहले दिन इसकी पूरे भारत में कुल कलेक्शन पचास रुपए थी। लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे दर्शकों का ताँता लगना शुरू हुआ, यह रिकॉर्ड पचास हफ्तों तक चली, करोड़ों का बिजनेस किया, और इसके भजन आज तक हर जगराता में बजते हैं। हम तो बचपन में यहाँ तक सुनते थे कि इस फ़िल्म से पहले भारत में संतोषी माता नामक देवी थी ही नहीं। इस फ़िल्म के बाद ही यह माहात्म्य इतना लोकप्रिय हुआ कि घर-घर संतोषी माँ की पूजा होने लगी।