फर्क नहीं पड़ता कि लोग तुम्हारे बारे में क्या सोचते हैं, फर्क इससे पड़ता है कि तुम अपने बारे में क्या सोचते हो। अपनी तकदीर खुद लिखो, क्योंकि अगर तुम्हारी किस्मत लिखने का हक दूसरों को दे दिया, तो तुम्हारी कहानी वही लोग तय करेंगे जो तुम्हें कभी आगे बढ़ते देखना ही नहीं चाहते थे। उठो, तब तक लड़ो जब तक तुम्हारी हार भी तुम्हारी जीत से बड़ी न दिखने लगे!