Hindi Quote in Religious by Hemant Parmar

Religious quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

जब द्रौपदी ने कृष्ण की उँगली पर बाँधा अपने आँचल का टुकड़ा…
___________
रक्षाबंधन की कथाओं में कृष्ण और द्रौपदी का प्रसंग सबसे भावुक कथाओं में से एक माना जाता है। यह कथा हमें बताती है कि रिश्ते हमेशा रक्त के नहीं होते, कभी-कभी एक छोटा-सा स्नेह भी जीवनभर का बंधन बन जाता है।
__________
कहा जाता है कि एक अवसर पर श्रीकृष्ण की उँगली पर चोट लग गई और उससे रक्त बहने लगा। द्रौपदी ने जब यह देखा तो उनसे रहा नहीं गया। उन्होंने तुरंत अपनी साड़ी का एक टुकड़ा फाड़ा और कृष्ण की घायल उँगली पर बाँध दिया।
_________
वह कोई विधि-विधान से बाँधी गई राखी नहीं थी।
न कोई मंत्र था, न कोई औपचारिकता।
__________
बस एक अपने की चोट देखकर दूसरे के हृदय से निकला स्नेह और अपनापन था।
________
कृष्ण ने द्रौपदी के उस छोटे-से त्याग को साधारण नहीं समझा। कहते हैं, उन्होंने उस कपड़े के टुकड़े को अपने ऊपर चढ़े एक प्रेम के ऋण की तरह स्वीकार किया।
__________
समय बीता…

और फिर वह दिन आया जब हस्तिनापुर की सभा में द्रौपदी की मर्यादा संकट में पड़ गई। सभा में उपस्थित बड़े-बड़े योद्धा और बुजुर्ग मौन खड़े रहे, लेकिन द्रौपदी ने अंततः अपने सारे सहारे छोड़कर श्रीकृष्ण को पुकारा।
__________
और तब वही कृष्ण, जिनकी उँगली पर कभी द्रौपदी ने अपने आँचल का एक छोटा-सा टुकड़ा बाँधा था, उसकी लाज के रक्षक बनकर खड़े हुए।
________
लोकपरंपरा इसी प्रसंग को द्रौपदी और कृष्ण के उस पवित्र बंधन से जोड़ती है, जिसे आगे चलकर रक्षाबंधन के भाव से देखा गया।
_______
क्योंकि द्रौपदी ने कृष्ण को कुछ माँगकर नहीं बाँधा था..
उसने तो बस उनकी चोट पर अपना आँचल रख दिया था।
___________
और शायद सच्चे रिश्तों की खूबसूरती भी यही है...
जहाँ दिया हुआ प्रेम कभी व्यर्थ नहीं जाता,
वह किसी न किसी रूप में लौटकर जरूर आता है। ❤️
____________
नोट: कृष्ण की उँगली पर द्रौपदी द्वारा साड़ी का टुकड़ा बाँधने की कथा लोकप्रिय पौराणिक/लोकपरंपरा में रक्षाबंधन से जोड़ी जाती है; इसे महाभारत के मूल ग्रंथ में वर्णित रक्षाबंधन संस्कार के रूप में नहीं प्रस्तुत करना चाहिए।


- Hemant Parmar

Hindi Religious by Hemant Parmar : 112034729
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now